scriptCataracts - Cataract will be easily identified, IIT Jodhpur did wonder | Cataracts - मोतियाबिंद की होगी आसानी से पहचान, IIT जोधपुर ने किया कमाल | Patrika News

Cataracts - मोतियाबिंद की होगी आसानी से पहचान, IIT जोधपुर ने किया कमाल


Cataracts - आईआईटी जोधपुर ने आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस से विकसित किया प्रोग्राम

जोधपुर

Published: April 29, 2022 04:23:08 pm

Cataracts - आंखों में मोतियाबिंद की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। गांव-ढाणियों के लोगों को शहर आकर बड़े अस्पतालों में जांच करवाने पर ही होने मोतियाबिंद का पता चल पाता है। इस समस्या के समाधान के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) जोधपुर ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की सहायता से ऐसा कंप्यूटर प्रोग्राम विकसित किया है, जिससे गांव के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में ही मोतियाबिंद की आसानी से पहचान हो सकेगी। यह तकनीक वर्तमान ऑफ्थेलमोस्कोपी तकनीक से सस्ती पड़ेगी।
Cataracts - मोतियाबिंद की होगी आसानी से पहचान, IIT जोधपुर ने किया कमाल
Cataracts - मोतियाबिंद की होगी आसानी से पहचान, IIT जोधपुर ने किया कमाल
आईआईटी जोधपुर के इमेज एनालिसिस एंड बायोमैट्रिक्स लैब में कंप्यूटर साइंस विभाग की प्रोफेसर डॉ ऋचा सिंह और डॉ मयंक वत्स के साथ पीएचडी शोधार्थियों ने मल्टी टास्क डीप लर्निंग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एल्गोरिदम विकसित किया गया है। यह निकट देखने वाले इन्फ्रा रेड कैमरों की मदद से इंसान की आंखों में मोतियाबिंद की जांच करता है। ये कैमरे आंखों की आयरिस और मल्टीटास्क नेटवर्क के जरिए मोतियाबिंद होने की संभावना का पता लगा लेते हैं। कैमरे काफी सस्ते हैं लेकिन इनके संचालन के लिए विशेषज्ञ की जरूरत पड़ती है।
पीजीआई चंडीगढ़ के साथ कर रहे हैं काम
आईआईटी जोधपुर आंखों की बीमारियों के संबंध में मोतियाबिंद से आगे मधुमेह रेटिनोपैथी पर भी शोध कर रही है। इसके लिए पोस्ट ग्रैजुएट इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च चंडीगढ़ भी सहयोग कर रहा है। आईआईटी जोधपुर में सुपर कंप्यूटर होने से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से बीमारियों की त्वरित पहचान वाले सॉफ्टवेयर विकसित करने में मदद मिलेगी।
आंखों में मोतियाबिंद की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। गांव-ढाणियों के लोगों को शहर आकर बड़े अस्पतालों में जांच करवाने पर ही होने मोतियाबिंद का पता चल पाता है। इस समस्या के समाधान के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) जोधपुर ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की सहायता से ऐसा कंप्यूटर प्रोग्राम विकसित किया है, जिससे गांव के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में ही मोतियाबिंद की आसानी से पहचान हो सकेगी। यह तकनीक वर्तमान ऑफ्थेलमोस्कोपी तकनीक से सस्ती पड़ेगी।

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