रेगिस्तान में लहलहाई रंग-बिरंगी शिमला मिर्च

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- जनता व किसानों का ट्रेंड बदलने के लिए काजरी ने उगाई 30 किस्में

By: Gajendrasingh Dahiya

Published: 26 Dec 2020, 04:43 PM IST

जोधपुर. केंद्रीय शुष्क क्षेत्र अनुसंधान संस्थान (काजरी) ने खजूर व बेर के बाद अब सब्जियों पर भी फोकस किया है। इस बार शिमला मिर्च हरी के अलावा लाल, नारंगी, पीली और चॉकलेटी रंग की 30 किस्में लगाई गई है। फिलहाल सभी किस्म पर अच्छे फूल-फल आए हैं। काजरी ठंडे प्रदेश (15 से 30 डिग्री तापमान) की इस फसल की रेगिस्तान में बेहतर किस्म की तलाश में है। बेहतर किस्म किसानों को देकर थार में शिमला मिर्च की बड़े पैमाने पर खेती की जाएगी। हरी शिमला मिर्च की तुलना में रंगीन शिमला मिर्च में पोषक तत्व लगभग दुगुने होते हैं।
आमतौर पर शिमला मिर्च सितम्बर में लगती। हरी शिमला मिर्च 90 दिन में आती है, रंगीन बनने में 20 से 25 दिन और लगते हैं। इस कारण रंगीन शिमला मिर्च महंगी होती है। एक पौधे से 3-4 किलो और एक एकड़ से 35 टन शिमला मिर्च ले सकते हैं। किसान 100 रुपए प्रति किलो तक होलसेल में बेच सकते हैं।

नहीं खरीदते महंगी मिर्च
शिमला मिर्च पर शोध करने वाले काजरी के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ प्रदीप कुमार कहते हैं कि लोग सेव व कीवी जैसे फल 150 से 200 रुपए में खरीद लेते हैं, लेकिन शिमला मिर्च सब्जी होने के नाते महंगी नहीं खरीदते। रंगीन शिमला मिर्च एक तरह से पकी हुई सब्जी या फल ही है, जो मीठा होता है। रंगीन शिमला मिर्च का उपयोग सलाद, सूप, पिज्जा, पास्ता, दलिया आदि में प्रमुखता से किया जाता है। इसमें पोषक तत्व सेव/कीवी से अधिक होते हैं। यहां की जनता व किसानों का ट्रेंड बदलने की कोशिश में शिमला मिर्च पर प्रयोग किया गया है।

किस किस्म की कितनी वैरायटी
काजरी ने हरी व लाल शिमला मिर्च की 8-8, पीली की 10, नारंगी की 3 व चॉकलेटी रंग वाली शिमला मिर्च की एक किस्म प्रायोगिक तौर पर उगाई है।

प्रति 100 ग्राम पोषक तत्व
- 30 कैलोरी
- 6.9 ग्राम कार्बोहाइड्रेट
- 2.5 ग्राम फाइबर
- 0.3 ग्राम वसा
- 1.3 ग्राम प्रोटीन
- 8493 आईयू विटामिन ए
- 283 मिलीग्राम विटामिन सी
- 13.4 मिलीग्राम केल्सियम
- 14.9 मिलीग्राम मैग्नीशियम
- 28.3 मिलीग्राम फॉस्फोरस
- 263 मिलीग्राम पोटेशियम
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शिमला मिर्च महत्वपूर्ण क्यों
- 213 प्रतिशत पूरे दिन की जरुरत का विटामिन सी की पूर्ति
- 93 प्रतिशत पूरे दिन की जरुरत का विटामिन ए की पूर्ति
- टमाटर के समान लाल शिमला मिर्च में एंथोसाइनिन व लाइकोपिन प्रोस्टेट कैंसर से बचाता है।
- वसा नहीं के बराबर, ह्रदय रोगियों के लिए लाभकारी

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‘शिमला मिर्च की बेहतर किस्म किसानों को दी जाएगी ताकि यहां भी लोग आसानी से रंगीन शिमला मिर्च का लुत्फ उठा सके।’
- डॉ ओपी यादव, निदेशक, काजरी जोधपुर

Gajendrasingh Dahiya Reporting
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