
‘खरीदी-बिक्री के आंकड़े देखो, कोई मंदी नहीं है... ’
जोधपुर. त्योहारी सीजन से एक दिन पूर्व शनिवार को केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री व राज्यसभा में सदन के नेता थावरचंद गहलोत का बाजार को लेकर बड़ा बयान आया। बोले- मंदी जैसा वातावरण प्रदर्शित होता है, लेकिन आर्थिक स्थिति सुदृढ़ है। खरीदी-बिक्री का आंकड़ा देखने से यह स्पष्ट होता है कि मंदी नहीं है। फिर भी सरकार ने इस प्रकार की मंदी की चर्चाएं जो गलियारों में थी, को ध्यान में रखकर टैक्स घटाया है। यहां सर्किट हाउस में पत्रकारों से बातचीत में राजकोषीय घाटे पर इस निर्णय से पडऩे वाले असर के बारे में उन्होंने कहा कि 1.45 लाख करोड़ टैक्स कम आएगा, लेकिन राजकोषीय घाटा नहीं होने देंगे। मितव्ययता व अन्य विकल्प से आय बढ़ाएंगे। गहलोत ने कहा कि हमारे देश में अत्यधिक टैक्स के कारण यहां की कंपनियों को कड़ी वैश्विक प्रतिस्पद्र्धा का सामना करना पड़ रहा था। अब कार्पोरेट टैक्स कम करने सहित अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई कदम बढ़ाए गए हैं। जिससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
दोनों सदनों ने 100 प्रतिशत से ज्यादा काम किया
मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में राज्यसभा ने 103 प्रतिशत और लोकसभा ने 127 प्रतिशत काम किया है। अनुच्छेद 370 व 35ए जैसे मुद्दों पर बहुमत हासिल किया। जबकि राज्यसभा में एनडीए के पास मेजोरिटी नहीं है।
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के समय भारत का मान सम्मान पूरे विश्व में बढ़ा है। राजस्थान सरकार को घेरते हुए उन्होंने कानून व्यवस्था को पूरी तरह लचर बताया। पीओके पर सवाल के जवाब में बोले कि गृहमंत्री, राज्य मंत्री और पीएम कार्यालय के अधिकारियों के साथ थलसेनाध्यक्ष इस पर अपनी राय रख चुके हैं, जल्द ही इस पर फैसला होगा।
Published on:
28 Sept 2019 06:54 pm
