
गांवों के विकास के लिए चेंजमेकर्स ने खींचा खाका
जोधपुर. धुंधाड़ा
गांवों की सरकार चुने जाने के बाद कैसे कार्य करे, गांवों में क्या है मुद्दे और राजनीति का स्वरूप कैसा हो इन मुद्दों पर रविवार को वेबीनार हुई। चेंजमेकर्स ने कई अपने मुद्दे रखे। नेताओं व ग्रामीणों से भी समस्याएं जानी चाहिए। लोकतंत्र और विधानसभा के बाद राजस्थान पत्रिका चेंजमेकर्स 3.0 अभियान के तहत गांवों की सरकार में भी अच्छी छवि से जुड़े राजनेताओं को आगे लाने में जुटी है।
तीसरे चरण में धवा और लूणी पंचायत समिति के साथ घंटियाली में भी चुनाव हैं। इन पंचायत समिति के गांवों के लोगों व प्रत्याशियों के साथ प्रमुख नेताओं ने अपने मुद्दे रखे। बड़ला नगर से हेमसिं ने बताया कि सडक़ें बनाना और पट्टे बनवाना प्राथमिकता है। डोली से चिंकी भील के अनुसार सामुदायिक भवन प्रधानमंत्री ग्रामीण सडक़ योजना में सडक़ों का निर्माण करवाना प्रमुख है। झालामंड ग्राम पंचायत से घेवरराम प्रजापत ने बताया कि प्रमुख समस्या ही पानी की है, युवाओं के लिए खेल मैदान की भी कमी है। पाल गांव से भलाराम सारण बताते हैं कि राजकीय विद्यालय में विज्ञान विषय, सीवरेज व सडक़ की उपलब्ध जैसे काम होने चाहिए। मेलवा गांव से मोहनलाल के अनुसार गांव के तालाब को आदर्श बनवाया जाएगा। जोजरी नदी के प्रदूषण से खेत बर्बाद हो रहे हैं, जिसे बचाना चाहिए। सांगरिया के लक्ष्मण चौधरी के यहां भी दूषित पानी समस्या है, इसके अलावा आधुनिक तकनीक का पार्क विकसित करने की बात भी कहते हैं। रोहिचां कलां से जेती बिश्नोई के अनुसार स्वच्छता, पेयजल और शिक्षा में गांव को उन्नत करना है। सबसे बड़ी ग्राम पंचायत कुड़ी के चंद्रलाल खावा के अनुसार इस पंचायत को हिंदुस्तान में मिसाल के रूप में पेश करना चाहिए। घर-घर कचरा संग्रहण, उद्यान विकास, सीवरेज की समस्याएं भी दूर होनी चाहिए।
Published on:
04 Oct 2020 09:02 pm
