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रामस्नेही संतों का चातुर्मास शुरू, मांगलिक कार्य पर लगा विराम

महावीर भवन में सोशल डिस्टेंसिंग के साथ जैन संत की प्रवचन सभा
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रामस्नेही संतों का चातुर्मास शुरू, मांगलिक कार्य पर लगा विराम

रामस्नेही संतों का चातुर्मास शुरू, मांगलिक कार्य पर लगा विराम

जोधपुर. देवशयनी एकादशी को चातुर्मास आरंभ होने के साथ ही बुधवार से मांगलिक कार्यों पर विराम लग गया। ज्योतिषीय मान्यतानुसार चातुर्मास काल के दौरान शुभ, विवाह एवं सभी तरह के महत्वपूर्ण कार्य निषेध माने गए है। इस बार पुरुषोत्तम मास (अधिकमास) के कारण चातुर्मास काल की अवधि एक माह बढ़कर पांच माह हो जाएगी। देवप्रबोधिनी एकादशी 25 नवम्बर से पुन: मांगलिक कार्य आरंभ हो जाएंगे। वैष्णव, रामस्नेही संतों की ओर से आत्म जागृति के पर्व चातुर्मास सत्संग का शुभारंभ सूर्यनगरी के धार्मिक स्थलों में बुधवार से शुरू हो गया। जैन चातुर्मास 4 जुलाई से विधिवत शुरू हो जाएंगे। सूरसागर बड़ा रामद्वारा के महंत संत रामप्रसाद रामस्नेही संत मंडली के साथ रामस्नेही गुरुकुल विद्यापीठ आश्रम तिंवरी में सादगीपूर्ण तरीके से चातुर्मासिक मंगल प्रवेश किया। इसी तरह चांदपोल बड़ा रामद्वारा के संत हरिराम शास्त्री का चातुर्मास सत्संग बुधवार से विधिवत शुरू किया गया। सर्व प्रथम स्वामी रामचरण ग्रंथ वाणीजी की आरती में रामस्नेही हरि मानव परमार्थ सेवा संस्थान के सुरेश अग्रवाल, महेश शारदा, दिलीप सांखला सहित सीमित श्रद्धालुओं ने भाग लिया। संत ने बताया कि रामस्नेही संप्रदाय शाहपुरा का चातुर्मास विजयदशमी तक होता है । इस बार अधिकमास होने से 27 अक्टू तक बड़ा रामद्वारा में ही चातुर्मास होगा जिसमें सभी रामस्नेही भक्तों को घरो में ही रहकर साधना स्वाध्याय करने का निवेदन किया गया है।
शहर के साधकों के साथ भी न्याय हो : संत कमलमुनि
जोधपुर. राष्ट्रीय धर्म संसद के चेयरमैन और जैन समाज के प्रमुख संत कमलमुनि कमलेश ने कहा कि जब गांवों में 50 लोगों को धर्म साधना की छूट मिली है तो फि र शहर के साधकों के साथ क्यों अन्याय किया जा रहा है। धर्मस्थल भी आध्यात्मिक चिकित्सा के लिए सशक्त माध्यम है। महावीर भवन निमाज की हवेली की हवेली में सोशल डिस्टेंसिंग के साथ सीमित श्रावकों को सदुपदेश में संत ने कहा कि शहरों के धर्म स्थलों के लिए भी गाइडलाइन जारी होनी चाहिए लेकिन बिल्कुल ही बंद रखना संविधान में मौलिक अधिकारों का हनन है। विभिन्न सम्प्रदाय के धर्मगुरुओं ने सरकार से शहर के धर्मस्थल खोलने की मांग की है। महावीर भवन निमाज की हवेली में मूर्तिपूजक आचार्य राजतिलक सुरीश्वर ने संत कमलमुनि का शाल ओढ़ाकर स्वागत किया। गुरुवार को सिंह पोल में सुबह कोरोना भय दूर कर जीने की कला का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

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