
बाल विवाह का प्रयास विफल, दोनों पक्ष पाबंद, पुलिस ने डाला डेरा
पीपाड़सिटी (जोधपुर) . उपखंड क्षेत्र के साथीन गांव में बाल विवाह की सूचना को लेकर बुधवार को प्रशासन और पुलिस ने डेरा जमा लिया तथा नाबालिग लडक़ी के पिता सहित अन्य को बाल विवाह निरोधक अधिनियम के तहत पाबंद करने के साथ पुलिस को घर के बाहर चौबीस घण्टे नजर रखने का निर्देश दिया।
सूत्रों के अनुसार जिला कलक्टर के पास एक परिवाद भेजकर साथीन गांव में नाबालिग लडक़ी के बाल विवाह की सूचना पर प्रशासन में हडक़ंप मच गया।
कलक्टर के निर्देश पर उपजिला मजिस्ट्रेट शैतानसिंह राजपुरोहित, तहसीलदार गलबाराम मीणा, थानाधिकारी प्रेमदान रतनू साथीन गांव पहुंचे। वहां जब नाबालिग से पूछताछ की तो उसने शिकायत से इनकार कर दिया।
इसके बाद उपजिला मजिस्ट्रेट ने मनोवैज्ञानिक तरीके को अपनाते हुए जानकारी हासिल कर ली। इसमें नाबालिग लडक़ी प्रथम वर्ष की छात्रा होने और जन्म प्रमाण पत्र के हिसाब से उसकी आयु 17 वर्ष 2 माह 18 दिन होने की पुष्टि हुई। बाद में प्रशासन में परिजनों को बाल विवाह के दुष्परिणाम बताने के साथ कानूनी प्रावधान और सजा के साथ आर्थिक दंड से अवगत कराते हुए बाल विवाह नहीं करने के लिए पाबंद किया।
ससुराल पक्ष भी पाबंद
उपजिला मजिस्ट्रेट राजपुरोहित को जानकारी मिली कि नाबालिग का रिश्ता बोयल तय किया हैं और शाम को बारात आने वाली है। इस पर बिलाड़ा पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने वहां भी संबंधित पक्ष को पाबंद कर बाल विवाह नहीं करने की हिदायत दी।
बेमेल विवाह भी
साथीन की युवती जो नाबालिग हैं, उसका रिश्ता 35 वर्ष के युवक के साथ होने का खुलासा हुआ हैं। इसमें ये रिश्ता आमने-सामने होना भी बताया जा रहा हैं। जिसमें बेमेल विवाह करने पर नाबालिग के दो भाइयों के लिए दूल्हे की बहनों से रिश्ता तय होने की प्रशासन ने जानकारी ली है।
इन्होंने कहा
साथीन ओर बोयल दोनों गांवों के संबंधित पक्षों को बाल विवाह नहीं करने के लिए पाबंद करने के साथ घर के बाहर बीट कांस्टेबल और हल्का पटवारी को नजर रखने के लिए नियुक्त किया हैं।
शैतानसिंह राजपुरोहित, उपजिला मजिस्ट्रेट, पीपाड़सिटी।
Published on:
12 Dec 2019 10:24 am
