शहरी क्षेत्र का हाइवे हुआ खतरनाक, थोड़ी सी चूक और जा सकती है जान

शहरी क्षेत्र का हाइवे हुआ खतरनाक, थोड़ी सी चूक और जा सकती है जान

Avinash Kewaliya | Updated: 15 May 2019, 11:55:00 PM (IST) Jodhpur, Jodhpur, Rajasthan, India

- नई सडक़ से रेलवे स्टेशन तक की सडक़ के बीच पसरा खतरा

- डिवाइडर के बीच लगी रैलिंग दे रहे खतरे को बुलावा

 

जोधपुर.
शहर की हार्ट लाइन है। 24 घंटे भारी यातायात दबाव झेलती है। राष्ट्रीय राजमार्ग का हिस्सा भी है। लेकिन फिर भी सडक़ जानलेवा हो सकती है। यह सडक़ है नई सडक़ से लेकर रेलवे स्टेशन तक। ऐसा इसलिए है क्योंकि इस सडक़ के बीच लगे डिवाइडर ही आपको लहूलुहान कर सकते हैं।

राष्ट्रीय राजमार्ग का हिस्सा यह सडक़ नागौर से बाड़मेर तक जाती है। शहरी क्षेत्र से गुजरने वाला यह हिस्सा अभी डिनोटिफाई नहीं हुआ। ऐसे में इसकी देखरेख अभी एनएच विंग ही करती है। लेकिन सौंदर्यीकरण का काम जोधपुर विकास प्राधिकरण के जिम्मे है। कई सालों पहले बने डिवाइडर और उस पर लगी रैलिंग अब लोगों के लिए खतरा बन गई है। प्रतिदिन कई वाहन चालक इस रैलिंग से टकराकर हादसे का शिकार होते हैं।

रैलिंग से खतरा

पिछले लम्बे समय से रैलिंग से वाहन टकरा रहे हैं। ऐसे में रैलिंग क्षतिग्रस्त होकर झूलने लगी है। कई जगह तो हालात यह है कि पास से गुजरने वाले वाहन चालकों को चपेट में ले लेती है। कई जगह रैलिंग टूट गई है वहां से लोग सडक़ पार करते हैं। कई बार वह भी वाहनों की चपेट में आकर हादसों का शिकार हुए हैं। एक वाहन चालक रमेशसिंह ने बताया कि रैलिंग से दूरी रख कर वाहन चलाना पड़ता है। आशुतोष शर्मा ने बताया कि रैलिंग टूटने के बाद कोई देख-रेख करने तक नहीं आता।

यह चार विभाग करवा चुके हैं काम

1. पीडब्ल्यूडी एन.एच विंग : राष्ट्रीय राजमार्ग होने के कारण यह सडक़ इस विभाग की जिम्मेदारी। यदा-कदा सडक़ मरम्मत कर देते हैं।

2. जोधपुर विकास प्राधिकरण : डिवाइडर निर्माण और रैलिंग सहित सौंदर्यीकरण के सभी काम ये करवाते हैं। एक बार इस रैलिंग को बदलवाने की प्रक्रिया भी अपनाई।

3. नगर निगम : कई बार क्षतिग्रस्त सडक़ की मरम्मत और गड्ढे भरने का काम करता है। लम्बे समय से वह भी ध्यान नहीं दे रहा।

4. यातायात पुलिस : यहां के यातायात को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका। सोजतीगेट पर घुमटी के पास बेरिकेडिंग लगा रास्ता बंद किया।

इनका कहना...

इसकी मरम्मत व अन्य कार्य तो हम करवाते हैं। लेकिन सौंदर्यीकरण और डिवाइडर काम जेडीए ने करवाया है। फिर भी यदि ऐसी खतरनाक स्थिति है तो रैलिंग हटाकर दूसरा काम करेंगे।

- जेठाराम जीनगर, अधीक्षण अभियंता, पीडब्ल्यूडी एन.एच विंग।

इस संबंध में पहले प्रक्रिया हुई थी, लेकिन काम आगे नहीं बढ़ा। अब वापस निरीक्षण करवा चुनाव के बाद प्रक्रिया अपनाते हैं।

- महेन्द्र माथुर, अधीक्षण अभियंता, जेडीए जोधपुर।

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