
शहर में लूपिंग सिस्टम की हुई ट्रायल, प्रयोग सफल रहने पर 100 करोड़ के प्रोजेक्ट को लगेंगे पंख
जोधपुर. शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने के लिए एक दिन का लूपिंग सिस्टम प्रयोग किया गया। करीब डेढ़ किलोमीटर के दायरे में जालोरी गेट से नई सडक़ तक, पुरी तिराहा से रेलवे स्टेशन, रणछोड़दास मंदिर और पुरी तिराहा से सोजती गेट, चांद शाह तकिया मार्केट से जालोरी गेट तक यातायात की स्थिति सबसे ज्यादा विकट रहती है। ऐसे में वहां जिला प्रशासन, जेडीए, नगर निगम और पुलिस प्रशासन ने मिलकर तीन लूप बनाकर इस पर काम किया। खास बात यह है कि यह एक दिन का प्रयोग सफल होता है तो इसके बाद टैंडर प्रक्रिया व आगे डीपीआर बनाने पर काम शुरू होगा। इसके लिए १०० करोड़ का प्रावधान भी राज्य सरकार ने बजट में किया है।
सीएम ने दिया है ड्राईरन का निर्देश
किसी भी प्रोजेक्ट को स्थाई रूप से लागू करने से पहले इसमें व्यावहारिक रूप से आने वाली समस्याओं को देखने के लिए खुद सीएम अशोक गहलोत ने इसका ड्राईरन करने के निर्देश दिए। बजट घोषणा में तुरंत धरातल पर लागू करने से पहले इसके सकारात्मक व नकारात्मक पॉइंट देखना चाहते हैं।
हेरिटेज संरक्षण कुछ ऐसे
इस प्रोजेक्ट में लूप सिस्टम के साथ हेरिटेज संरक्षण भी है। इसमें रेलवे स्टेशन से रणछोड़दास मंदिर होते हुए पुरी तिराहा। इसके बाद नई सडक़ बाजार को भी हेरिटेज लुक देते हुए एक समान प्रदर्शित किया जाएगा। इसके बाद घंटाघर से किले के मार्ग तक ब्लू सिटी कॉरिडोर भी शामिल किया गया है।
एलिवेटेड रोड प्रोजेक्ट से नहीं होगा प्रभावित
यह लूपिंग सिस्टम एलिवेटेड रोड प्रोजेक्ट से भी प्रभावित नहीं होगा। केन्द्र सरकार के सडक़ व परिहवहन मंत्री नितिन गडकरी ने एलिवेटेड रोड के लिए सैद्धांतिक सहमति दी है। यह एक हजार करोड़ से अधिक का प्रोजेक्ट है और इसको साकार होने में कुछ साल लग सकते हैं। एेसे अब तक त्वरित रिलीफ के लिए लूपिंग सिस्टम ही काम आएगा।
Published on:
04 Mar 2021 05:57 pm
