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16 की बजाए 20 तारीख तक हुई क्लोजर अवधि

वही हुआ जिसकी आशंका थी। एक तो पहले से ही जलदाय विभाग की ओर से पानी की समस्या को देखते हुए आए दिन मैंटेनेंस के नाम पर जलापूर्ति में कटौती की जा रही है, अब इन्दिरा गांधी नहर में लिए गए क्लोजर की अवधि १६ से बढ़ाकर २० अप्रेल कर दी है। इसे और भी […]

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rameshwar bera

Apr 12, 2017

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वही हुआ जिसकी आशंका थी। एक तो पहले से ही जलदाय विभाग की ओर से पानी की समस्या को देखते हुए आए दिन मैंटेनेंस के नाम पर जलापूर्ति में कटौती की जा रही है, अब इन्दिरा गांधी नहर में लिए गए क्लोजर की अवधि १६ से बढ़ाकर २० अप्रेल कर दी है। इसे और भी आगे बढ़ाया जा सकता है। ऐसे में आने वाले दिनों में शहर के अलावा गांवों में पानी को लेकर समस्या खड़ी होना तय माना जा रहा है।

इन्दिरा गांधी नहर में मैंटेनेंस के लिए 27 मार्च से 16 अप्रेल तक क्लोजर प्रभावित था। लेकिन अभी तक रखरखाव का मात्र 30 फीसदी काम ही हुआ है। जबकि चार दिन बाद क्लोजर खत्म होने जा रहा है। अधूरे कार्य और नजदीक आ रही क्लोजर अवधि को देखते हुए इन्दिरा गांधी नहर प्रशासन ने क्लोजर की अवधि को 16 से बढ़ाकर 20 अप्रेल कर दिया है। सूत्रों ने बताया कि काम पूरा नहीं हुआ तो इसे और आगे बढय़ा जा सकता है। गर्मी के मौसम में सर्दी की बजाए ज्यादा पानी सप्लाई करना पड़ता है। पहले जहां शहर में रोजाना १२ एमसीएफटी पानी वितरित होता था वहीं अब १४ एमसीएफटी पानी दिया जा रहा है इसके बाद भी कई क्षेत्रों में पेयजल समस्या है। जलदाय विभाग के पास 150 एमसीएफटी पानी बचा है। रोजाना 14 एमसीएफटी जल वितरण के लिहाज से मात्र7 दिन की जलापूर्ति का पानी है। जबकि क्लोजर की बढ़ी हुई अवधि को देखते हुए 15 दिन का पानी चाहिए। क्योंकि क्लोजर अगर 20 अप्रेल को खत्म होता है तो पानी को जोधपुर पहुंचने में तीन से चार दिन का समय लगेगा। ऐसे में गांवों के साथ शहर में भी पेयजल किल्लत के हालात बन सकते हैं। विभागीय अधिकारी तोडज़ोड़ कर स्टोरेज पानी से काम चला लेते लेकिन अब क्लोजर अवधि बढऩे के बाद उनके लिए व्यवस्था करना चुनौती बन गया है।

पोंडिंग का पानी कहां गया?

जोधपुर को क्लोजर अवधि में पर्याप्त पानी मिलता रहे। इसके लिए राज्य सरकार के दखल के बाद सिंचाई विभाग और इन्दिरा गांधी नहर प्रशासन ने नहर में आरडी 412 से 1121 के बीच में ७ जगह पोंडिंग की गई है। एक पोंड में करीब तीन से चार दिन का पानी जमा किया गया। देखा जाए तो पोंडिंग का पानी 21 दिन तक जोधपुर की प्यास बुझा सकता था लेकिन सूत्रों ने बताया कि जोधपुर के हिस्से की

पोंडिंग का पानी धीरे-धीरे 'पारÓ हो गया। ऐसे में 20 दिन तक मिलने वाला पोंडिंग का पानी प्रवाह के साथ 10 दिन में ही खत्म हो गया। अब दो-तीन तक बहुत ही धीमी गति से पोंडिंग का पानी जोधपुर आएगा जो मात्र एक-दो दिन की सप्लाई जितना होगा। इसके बाद कायलाना और तखतसागर में स्टोरेज पानी का शहर में जलापूर्ति के लिए उपयोग में लिया जाएगा।

समस्या: शहर में खड़ी हो सकती है पेयजल किल्लत

कारण : जलदाय विभाग के पास नहीं है पर्याप्त पानी

आगे क्या : कई क्षेत्रों में हो सकती है अघोषित जल कटौती

समाधान : उपभोक्ता पानी का सीमित उपयोग करें

फैक्ट फाइल

56 : फीट पानी भरा है कायलाना में

43 : फीट पानी है तखतसागर में

250 : एमसीएफटी पानी है दोनों जलाशयों में

100 : एमसीएफटी पानी डेड स्टोरज के लिए रहेगा

1500 : एमसीएफटी पानी है शहर में जलापूर्ति के लिए

13-14 : एमसीएफटी पानी रोज होता है सप्लाई

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क्लोजर अवधि में हमारे पास जितना पानी है, उसे व्यवस्थित तरीके से वितरित किया जाएगा। अभी तक पानी की कोई समस्या नहीं है। वितरण व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए उच्चाधिकारियों से लगातर संवाद हो रहा है।

मनोज सोनी, अधिशासी अभियंता नगर वृत्त

जलदाय विभाग

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इन्दिरा गांधी नहर में अभी तक कार्य पूरा नहीं हुआ है इसलिए क्लोजर की अवधि 20 अप्रेल तक बढ़ाई गई है। फिलहाल जोधपुर को पोंडिग से पानी मिल रहा है।

विनोद मित्तल, अतिरिक्त मुख्य अभियंता

इन्दिरा गांधी नहर, बीकानेर