
‘अहंकार’ खत्म करने के लिए दिखा राजनीतिक सौहार्द, सीएम और केंद्रीय मंत्री शेखावत ने एक साथ चलाया तीर
जोधपुर. अहंकार के खात्मे के रूप में मनाया जाने वाला दशहरा पर्व इस बार राजनीति सौहार्द की झलक दिखला गया। रावण का चबूतरा मैदान में नगर निगम की ओर से हुए समारोह में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री गजेन्द्रसिंह शेखावत, पूर्व सांसद गजसिंह और महापौर घनश्याम ओझा ने पूजन कर एक साथ तीर चलाया। इससे पहले गहलोत और शेखावत अतिथि दीर्घा में एक-दूसरे से गर्मजोशी से मिले। रावण दहन गोधूली वेला में अतिथियों ने तीर चलाकर किया। इससे पहले अखाड़ा दलों की ओर से करतब दिखाए गए।
75 फीट के रावण को पूरा जलने में इस बार औसतन ज्यादा समय लगा। रावण की नाभि में तीर लगते ही आंखों से अंगारे निकले और इसके बाद पूरा शरीर जल गया। अमूमन 4 से 5 मिनट में रावण का पुतला पूरा जल कर गिर जाता है लेकिन इस बार 8 मिनट लगे। जब ढांचा गिरा नहीं तो निगम के कर्मचारियों ने रस्सी खींच कर गिराया। रावण के साथ मेघनाथ, कुम्भकर्ण, शर्पूणखा और ताडक़ा के पुतले भी जलाए गए। पुतला दहन के बाद आकर्षक आतिशबाजी की गई। करीब आधे घंटे तक हुई आतिशबाजी का लोगों ने लुत्फ उठाया। कार्यक्रम में अतिथि के तौर पर उप महापौर देवेन्द्र सालेचा, विधायक सूर्यकांता व्यास, महेन्द्र विश्नोई, महेन्द्र चौधरी उपस्थित थे।
जनता की नारेबाजी
कार्यक्रम स्थल पर जैसे ही तीर चले भगवान श्री राम के जयकारे लगे। साथ ही कुछ लोग मोदी और गहलोत के पक्ष में भी अलग-अलग नारे लगाने लगे।
Published on:
09 Oct 2019 01:35 pm
