
यहां आओ तो संभलकर, मोबाइल चोरी हो जाएगा
जोधपुर. जोधपुर संभाग के सबसे बड़े अस्पताल मथुरादास माथुर मोबाइल चोरों के निशाने पर हैं। आए दिन वार्डों व विश्रामगृहों से मरीजों के महंगे मोबाइल चोरी हो रहे है। सरकारी अस्पतालों में आउटडोर व इनडोर सुविधा का नि:शुल्क दंभ भरने वाले जिम्मेदार चोरों को पकड़ने व मोबाइल चोरी की वारदातों पर लगाम लगाने में विफल दिख रहे है। इन वारदातों को रोकने के लिए अस्पताल प्रशासन व पुलिस के पास कोई ठोस योजना नहीं है। ट्रोमा सेंटर से जनाना विंग और पुरानी बिल्डिंग तक में एमडीएम अस्पताल में मोबाइल चोर विचरण कर रहे है।
कई बार बिलख पड़ते हैं परिजन
एमडीएम अस्पताल में आने वाले अधिकांश मरीज व उनके परिजन गरीब तबके के होते हैं। ऐसे में उनके 10-15 हजार रुपए के मोबाइल पार हो जाते है। कई परिजन अस्पताल के गलियारों में मोबाइल चोरी होने के बाद बिलख पड़ते है। कई दफे अस्पताल में इस तरह के माहौल से भीड़ इकट्टा हो जाती है। ज्यादातर चोरियां भी रात्रि के समय और रात 12 बजे के बाद होती है।
हर रोज हो रही वारदातें
मोबाइल चोरी की वारदातें एमडीएम अस्पताल में हर रोज हो रही है। पुलिस की ओर से इस पर कोई विशेष एक्शन नहीं लिया जा रहा है। कई लोग चौकी में गुमशुदगी दर्ज कराने के बाद खुद भी फाॅलोअप लेने नहीं आते। ऐसे में बाद में पुलिस भी ढीली पड़ जाती है। मार्च माह में सोजत निवासी पुष्पा का मोबाइल चोरी हो गया। जो मोबाइल चोरी होने के बाद बिलख पड़ी। स्टाफ ने समझाकर उसे शांत किया। इससे पहले मेडिकल वार्ड बी व कार्डियक थोरेसिक वार्ड में भी मोबाइल पार हो गए। अस्पताल के सूत्र बताते हैं कि इन चोरियों को पुलिस चौकी के कर्मचारी गंभीरता से नहीं लेते है। इस कारण ही अस्पताल में चोरों के हौंसले बुलंद है।
इनका कहना हैं....
ज्यादातर चोरी की वारदातें मध्यरात्रि व अलसुबह होती है। घटनाएं वार्ड के अंदर हो रही है। जहां सीसी टीवी कैमरे नहीं लगे हुए है। दूसरा मोबाइल छोटे होते हैं, जो अंदर जेब या कपड़े में छिपाए होते है, जो कैम्ररे में आसानी से दिखते नहीं है। कई गांव के मरीजों के साथ घटनाएं होती है।
- डॉ. पीके खत्री, उपाधीक्षक, एमडीएम अस्पताल
Published on:
08 Apr 2022 05:45 pm
