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SPORTS–कोरोना ने खेल संगठनों की प्रतियोगिताओं पर लगाया ब्रेक

- स्कूल-कॉलेज विद्यार्थी हुए प्रमोट, खिलाडिय़ों के लिए कोई गाइडलाइन नहीं - प्रदेश के 3 लाख से अधिक खिलाडिय़ों को इंतजार, जारी नहीं हुई गाइडलाइन तो बेपटरी होगा कॅरियर
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जोधपुर

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Amit Dave

Dec 06, 2020

SPORTS--कोरोना ने  खेल संगठनों की प्रतियोगिताओं पर लगाया ब्रेक

SPORTS--कोरोना ने खेल संगठनों की प्रतियोगिताओं पर लगाया ब्रेक

जोधपुर।

देशभर के स्कूली व कॉलेज विद्यार्थी कोरोना की वजह से भले ही प्रमोट हो गए हो लेकिन देश के खिलाडिय़ों को गाइडलाइन का इंतजार है। कोरोना की वजह से राष्ट्रीय व राज्य खेल संघों की प्रतियोगिताओं पर ब्रेक लग गया है। इसके बाद भी राजस्थान राज्य क्रीड़ा परिषद व अन्य खेल संगठनों ने खिलाडिय़ों के लिए अभी तक कोई गाइडलाइन जारी नहीं की है। ऐसे में प्रदेश के 3 लाख से अधिक खिलाडिय़ों की उम्मीद बेपटरी हो रही है। खिलाडिय़ों का कहना है कि देशभर में प्रतियोगिताएं आयु वर्ग के हिसाब से होती है। इस साल प्रतियोगिताएं नहीं होने की वजह से खेल संघों को खिलाडिय़ों को प्रमोट करने की घोषणा करनी चाहिए।

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कोरोना काल में सभी खेल संघों को इस साल को जीरो सेशन मानते हुए खिलाडिय़ों को आयु की बाध्यता में एक साल की छूट देनी चाहिए। जिन खिलाडिय़ों की आयु पूरी हो रही है और जो इस साल खेल नहीं पाए उनको अगले साल मौका मिलना चाहिए। साथ ही, समस्त खेल संघों को मिनी टूर्नामेंट करवाने चाहिए ताकि खिलाड़ी को उस लेवल का प्रमाण पत्र मिल जाए जो उसके कॅरियर मे काम आ सके।

डॉ अमानसिंह सिसोदिया, विभागाध्यक्ष

शारीरिक शिक्षा विभाग, जेएनवीयू जोधपुर

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खिलाडिय़ों का दर्द कोरोना महामारी के कारण किसी भी खेल प्रतियोगिता का इस वर्ष आयोजन नहीं हुआ। इससे प्रदेश के लाखों स्कूल व कॉलेज स्तर के खिलाडिय़ों को नुकसान हो रहा है। राज्य सरकार को स्कूल स्तर और भारत सरकार को विश्वविद्यालय स्तर पर खिलाड़ी के हित में फैसला लेना चाहिए, जिससे खिलाडिय़ों के हितों के साथ खिलवाड़ नहीं हो।

- भूपेन्द्रसिंह सांकड़ा, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष

शारीरिक शिक्षा विभाग जेएनवीयू जोधपुर

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वैश्विक महामारी के कारण पूरे देश में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे खिलाडिय़ों को निराशा का सामना करना पड़ा क्योंकि भारतीय विश्वविद्यालय संघ ने खेलों का आयोजन नहीं करवाया। परिणामस्वरूप अंतर महाविद्यालय प्रतियोगिताओं का भी आयोजन नहीं हो सका । आगामी सत्र में भारतीय विश्वविद्यालय संघ के द्वारा नियमों में फेरबदल कर खिलाडिय़ों को आयु में छूट देनी चाहिए ताकि इस वर्ष प्रतियोगिता से वंचित रहे खिलाडिय़ों को भी अवसर मिल सके

- मनोहर सिंह, सॉफ्टबॉल खिलाड़ी

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कोरोना के चलते देशभर में प्रतियोगिताओं का आयोजन नहीं होने के कारण निरंतर प्रशिक्षण ले रहे खिलाडिय़ों की मेहनत पर पानी फि र गया। खेल संघों के द्वारा कोरोना गाइडलाइन के अनुसार खेलों का आयोजन करवाना चाहिए

- तयब खान, बास्केटबॉल खिलाड़ी

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