
WILD ONION--वाइल्ड ओनियन के खतरे से बचेगी जीरे की फसल
जोधपुर।
मारवाड़ की प्रमुख मसाला फसल जीरा वाइल्ड ओनियन (जंगली प्याजी) खरपतवार के खतरे से मुक्त होगी। कृषि विश्वविद्यालय ने जीरे की फसल को वाइल्ड ओनियन से बचाने के लिए किए गए शोध में सफलता प्राप्त की है। वाइल्ड ओनियन खरपतवार को नष्ट करने के लिए विभिन्न हर्बीसाइट्स (खरपतवार को नष्ट करने वाली दवाई) का प्रयोग किया गया। इसमें ऑक्सीफ्लोरोफेन प्रभावकारी सिद्ध हुआ। यह शोध कार्य विवि के वैज्ञानिक डॉ मोतीलाल मेहरिया ने किया।
---
अन्तरराष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित
वाइल्ड ओनियन पर सफल शोध को अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिली है। डॉ मेहरिया के शोध का रिसर्च पेपर हाल ही में स्विट्जरलैण्ड के एग्रोनोमी जर्नल में प्रकाशित किया गया है।
---
2 साल तक किया शोध
विवि में जीरे पर वाइल्ड ओनियन पर नियंत्रण के लिए दो वर्ष तक शोध किया गया, इसके बाद एक वर्ष तक रामपुरा स्थित फॉर्म पर भी शोध किया गया। अलग-अलग हर्बीसाइट्स से परीक्षण के दौरान ज्ञात हुआ कि ऑक्सीफ्लोरो फेन हर्बीसाइट का जीरे की बुवाई के आठ दिन बाद 200 ग्राम प्रति हैक्टेयर छिड़काव करने से आशातीत परिणाम प्राप्त हुए।
---
जीरे के लिए सबसे घातक वाइल्ड ओनियन
वाइल्ड ओनियन एक खरपतवार है, जो अन्य खरपतवारों की तरह पोषक तत्वों, स्थान, पानी और प्रकाश के साथ संबंध कर जीरे की उपज को कम करते है। इसके साथ वाइल्ड ओनियन जीरा की फसल पर एलीलोपैथी प्रभाव (वाइल्ड ओनियन ऐसा रसायन निकालते है जो जीरे की उपज को सबसे ज्यादा प्रभावित करती है ) भी डालती है, जिससे जीरे की उपज प्रभावित होती है।
---
देश में सर्वाधिक क्षेत्रफल राजस्थान में
- देश में कुल जीरा उत्पादन का 50 प्रतिशत से अधिक क्षेत्रफल राजस्थान (इसमें भी केवल मारवाड़) में है।
- 2015-16 में जीरा का निर्यात 1531 करोड़ रुपए था। जो 2020-21 में बढ़कर 4253 करोड़ रुपए हो गया।
- जीरा प्रमुख रूप से भारत, मोरक्को, ईरान, टर्की, ग्रीस, सीरिया, अल्जीरिया आदि देशों में बोया जाता है।
- गुणवत्ता व क्वालिटी में गुजरात के जीरे से अच्छा है।
---
80-90 प्रतिशत फसल खराब हो जाती है
जीरे में लगने वाले अन्य खरपतवारों के साथ जलवायु परिवर्तन की दशा में पश्चिमी राजस्थान में वाइल्ड ओनियन भी प्रमुख समस्या बनती जा रही है। इस खरपतवार का प्रभावी नियंत्रण नहीं करने की स्थिति में जीरे की 80-90 प्रतिशत खराब होने का खतरा रहता है।
---
मारवाड़ की प्रमुख मसाला फसल जीरा पर वाइल्ड ओनियन की मार पैदावार में समस्या बन रही थी। इस समस्या का पूर्ण समाधान के लिए शोध किया, जिसमें अब आशातीत परिणाम प्राप्त हुए है। यह शोध जीरे की फसल व प्रदेश के किसानों के लिए बहुत उपयोगी होगा।
डॉ मोतीलाल मेहरिया, शोधकर्ता वैज्ञानिक
कृषि विश्वविद्यालय जोधपुर
-
Published on:
30 Aug 2021 07:08 pm
