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ऑपरेशन थियेटर में रखा था शव, नसबंदी कराने आई महिलाओं को उठाना पड़ा खमियाजा

बालेसर के राजकीय अस्पताल में आयोजित नसबंदी शिविर में शनिवार को महिलाओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

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Dead body in Operation Theater, Distressed Women P

Dead body in Operation Theater, Distressed Women Patient

बालेसर के राजकीय अस्पताल में आयोजित नसबंदी शिविर में शनिवार को महिलाओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

बालेसर निवासी की हत्या को लेकर अस्पताल में गुरुवार को मृतक के परिजन व ग्रामीण अस्पताल परिसर में धरना प्रदर्शन कर रहे थे।

अस्पताल परिसर में मोर्चरी के अभाव में मृतक का शव ऑपरेशन थियेटर में रखवाया गया था। वहीं अस्पताल परिसर में अपनी मांगों को लेकर शनिवार को हजारों लोगों की भीड़ मौजूद थी।

सुबह 8 बजे से नसबंदी ऑपरेशन के लिए आई आस- पड़ौस के गांवों से सैंकड़ों महिलाओं का धरना प्रदर्शन कर रहे लोगों की भीड़, तेज गर्मी व विद्युत आवाजाही से हाल बेहाल हो गया तथा शिविर शुरू करने में देरी हुई जिससे देर शाम तक महिलाओं को नसबंदी के लिए अस्पताल में रुकना पड़ा।

शनिवार को देरी से शुरू हुए नसबंदी शिविर में 50 महिलाओं के नसबंदी ऑपरेशन के लिए आवेदन प्राप्त हुए। जिसमें डॉ. टी आर गहलोत की टीम संपूर्ण जांचों के बाद 41 महिलाओं के सफल नसबंदी ऑपरेशन किए।

वहीं शनिवार को युवक की हत्या के मामले में चल रहे प्रदर्शन के बावजूद अस्पताल कर्मचारी श्याम सिंह, लख सिंह, प्रताप सिंह, जितेन्द्र सोनी, रोशमा, सीमा चौधरी, रणजीत सिंह व राहुल गौड़ ने व्यवस्थाएं बनाए रखने व महिलाओं के पेयजल की व्यवस्था की।

इनका कहना है

सुबह जल्दी 4-5 महिलाओं को लेकर नसबंदी शिविर में आई। हमें प्रदर्शन के बारे में पता नहीं था। दिनभर गर्मी व भीड़ के कारण हालत खराब हो गई।

- फूली देवी, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता कुई इन्दा

सुबह 10 बजे नसबंदी के लिए अस्पताल आई। शिविर भी काफी देरी से शुरू हुआ, जिससे देर तक इन्तजार करना पड़ा तब जाकर नसबंदी ऑपरेशन हो पाया।

- गीता जोया, दूधाबेरा