
फलोदी पुलिस व स्पेशल टीम ने किया वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश, सरगना गिरफ्तार, एक बोलेरो बरामद
पुलिस द्वारा की गई पूछताछ में अन्य दो साथियों के नाम भी सामने आए है। पुलिस ने गिरोह के अन्य सदस्यों व चोरी किए गए वाहनों की धरपकड़ के प्रयास शुरू कर दिए है। पुलिस ने गिरोह से पूछताछ में कई वाहन चोरी की वारदातों के खुलासे की संभावना जताई है।
पुलिस अधीक्षक जोधपुर ग्रामीण राजन दुष्यंत ने बताया कि गत दिनों फलोदी में हुई वाहन चोरी की वारदातों के खुलासे को लेकर पुलिस थाना व स्पेशल टीम के सदस्यों की गठित टीम के पुलिस निरीक्षक मदनङ्क्षसह चौहान, एसआई पूनमाराम, स्पेशल टीम प्रभारी अमानाराम, हैड कांस्टेबल पाबूदान, कांस्टेबल खुमाणाराम, दमाराम, चिमनाराम, मोहनराम, वीरेन्द्र खदाव, मदन मीणा, श्यामलाल ने घटनास्थलों के आस-पास फुटेज खंगाले तथा शहर में अलग-अलग जगहों पर नाकांबदी करवाई। जिस पर टीम ने आसूचना जुटाकर वाहन चोर गिरोह के सरगना अशोक कुमार (24) पुत्र ओमप्रकाश विश्नोई निवासी चिकनी नाडी, दयांकोर थाना लोहावट को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से चोरी की गई बोलेरो गाड़ी बरामद की गई है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार गिरोह के सरगना से पूछताछ में पुखराज पुत्र दौलाराम निवासी पांचला सिद्धा थाना खींवसर नागौर व पूनाराम विश्नोई निवासी हाणिया थाना ओसियां जोधपुर के भी वारदातों को अंजाम देने लिप्त होना बताया गया है। पुलिस अधीक्षक ने वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश करने वाली टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा की है।
दो वारदातें कबूली-
पुलिस द्वारा गिरफ्तार गिरोह के सरगना से की गई पूछताछ में सीनीयर स्कूल के सामने से बोलेरो गाड़ी पार करना कबूला है तथा एक अन्य वाहन चोरी करना स्वीकार किया है। पुलिस ने गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए प्रयास शुरू कर दिए है तथा अन्य वारदातों के खुलासे की संभावना जताई है। गिरफ्तार आरोपी को रविवार को अदालत में पेश किया जाएगा।
10 मामले दर्ज है सरगना पर-
पुलिस के अनुसार गिरोह के सरगना अशोक के खिलाफ चोरी, नकबजी, लूट के कुल 10 मामले अलग-अलग थानों में दर्ज है। जिसमें 3 बाड़मेर, 2 फलोदी, 1 मानसरोवर, 1 शिव जिला बाड़मेर, 1 भोजासर, 1 बज्जू बीकानरे व 1 जालौर में मामले दर्ज है।
मास्टर-की रखते हैं पास-
पुलिस ने बताया कि गिरोह का एक सदस्य शहर में खड़े वाहन की पहले रैकी करता था, फिर एक सदस्य मास्टर-की से वाहन के लॉक खोलकर गाड़ी को पार कर देता और नम्बर प्लेट बदल देते थे। वारदात के दौरान गिरोह का एक सदस्य गाड़ी के मालिक पर नजर रखकर पूरी सूचनाएं अन्य सदस्यों को देता तथा बाद में वाहन को कस्बे की सीमा से बाहर ले जाते थे।
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Published on:
18 Aug 2018 06:35 pm
