
ऑनलाइन कम्पनी को देना होगा बीस हजार रुपए हर्जाना
जोधपुर. जिला उपभोक्ता आयोग प्रथम ने बहुराष्ट्रीय ऑनलाइन कंपनी द्वारा बेचे गए टेबलेट को ठीक नहीं करने को सेवा में गंभीर कमी मानते हुए हर्जाने का आदेश दिया। रामनिवास डूडी ने उपभोक्ता अदालत में परिवाद पेश करते हुए बताया कि 14 जनवरी 2015 को फ्लिपकार्ट कंपनी से 16 हजार नो सौ रुपये देकर लिनोवा कम्पनी का टेबलेट मंगवाया। टेबलेट की स्क्रीन टूटने पर कंपनी के अधिकृत सर्विस सेंटर पर गए, वहां कहा गया कि टेबलेट का मॉडल नया होने के चलते ठीक नहीं किया जा सकता। ऑनलाइन कंपनी की ओर से कहा गया कि कंपनी इसके लिए जिम्मेदार नहीं है। जिला उपभोक्ता आयोग प्रथम की अध्यक्ष चंद्रकला जैन, सदस्य राजाराम सर्राफ तथा अफसाना खान ने ऑनलाइन कंपनी की दलीलों को ठुकराते हुए नया टेबलेट देने या कीमत देने के साथ बीस हज़ार रुपए हर्जाना देने का आदेश दिया। जिला उपभोक्ता आयोग प्रथम ने बहुराष्ट्रीय ऑनलाइन कंपनी द्वारा बेचे गए टेबलेट को ठीक नहीं करने को सेवा में गंभीर कमी मानते हुए हर्जाने का आदेश दिया। रामनिवास डूडी ने उपभोक्ता अदालत में परिवाद पेश करते हुए बताया कि 14 जनवरी 2015 को फ्लिपकार्ट कंपनी से 16 हजार नो सौ रुपये देकर लिनोवा कम्पनी का टेबलेट मंगवाया।
Published on:
18 Feb 2021 06:07 pm
