
दिव्यांगता को किया ‘आउट’, टीम में बनाई जगह
जोधपुर।
अगर हौंसला बुलन्द हो और कुछ करने का जुनून हो तो आपसे सफलता कोई नहीं छीन सकता है। मन में विश्वास हो तो बाधाओं और चुनौतियों का सामना करने की हिम्मत मिल जाती है, फिर उसमें शारीरिक अक्षमता भी आडे नहीं आती। कुछ एेसी ही बात लागू होती है जोधपुर की मंजूकंवर पर। जिसने अपनी दिव्यांगता को ‘आउट’ कर भारतीय टीम में जगह बनाई है। मंजू का भारतीय दिव्यांग क्रिकेट महिला टीम में चयन हुआ है। इतना ही नहीं, भारतीय दिव्यांग टीम में सलेक्ट होने वाली मंजू राजस्थान की पहली खिलाड़ी है । मंजू का टीम में ऑलराउंडर के रूप में चयन किया गया है। मार्च में बड़ौदा में अन्तरराष्ट्रीय टूर्नामेंट होगा।
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श्रेष्ठ प्रदर्शन के आधार पर चयन
बड़ौदा क्रिकेट एसोसिएशन और दिव्यांग क्रिकेट बोर्ड ऑफ इंडिया की आेर से 15 से 30 नवम्बर तक बड़ौदा में दिव्यांग महिला क्रिकेट केम्प व वुमेन टूर्नामेंट में श्रेष्ठ प्रदर्शन को देखते हुए मंजू का भारतीय टीम में चयन किया गया।
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जन्म से ही दिव्यांग
मंजू जिले के बेलवा गांव की रहने वाली है और जन्म से ही दिव्यांग है। इस वजह से मंजू की प्रारंभिक शिक्षा सामान्य बच्चों की तरह आम स्कूल में नहीं, बल्कि दिव्यांगों की विशेष स्कूल सुचेता कृपलानी विशिष्ट विकलांग सीसै स्कूल माणकलाव में हुई। बारहवीं के बाद मंजू ने जेएनवीयू से बीए की व वर्तमान में एलएलबी द्वितीय वर्ष में अध्ययनरत् है। मंजू का लक्ष्य अच्छी क्रिकेटर व कोच बनना है। मंजू मध्यमवर्गीय परिवार से है। इसके पिता सगतसिंह किसान है। मंजू के दो भाई व एक बहन है।
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बचपन से ही क्रिकेट का शौक
मंजू को बचपन से ही क्रिकेट का शौक है। मंजू ने क्रिकेट की विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लेकर अच्छा प्रदर्शन किया है। भारतीय टीम में चयन से पहले मंजू का ब्लॉक स्तर, जिला व राज्य स्तर पर टीम में चयन हो चुका है। अब भारतीय टीम में चुने जाने के बाद मंजू अन्तरराष्ट्रीय स्तर के मैचों में खेलेगी।
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Published on:
10 Dec 2019 04:30 pm
