
किसानों से राम के बाद अब राज भी रूठा
भोपालगढ़ (जोधपुर) . क्षेत्र के किसानों से इस बार सावणी फसलों के पकाव-कटाई के समय राम रूठ गया और अब इन फसलों की उपज घर आई है, तो समर्थन मूल्य पर मूंग नहीं खरीदे जाने से राज भी रूठा लग रहा है।
ऐसे में किसान टोकन कटवाने के बावजूद भी समर्थन मूल्य पर मूंग बेचने के लिए खरीद केंद्रों के चक्कर काटने को मजबूर हैं और स्थानीय मार्केटिंग सोसायटी सहित अन्य खरीद केंद्रों पर अभी तक एक दाना मूंग की भी खरीद शुरू नहीं हो पाई है।
इससे किसान राम के बाद राज के रुठने से दोहरी मार झेलने को मजबूर हो गए हैं। वहीं भोपालगढ़ में मूंग की खरीद का फैसला अब सिर्फ राज्य सरकार के स्तर पर ही हो सकता है। किसानों की इस पीड़ा को लेकर क्षेत्रीय विधायक पुखराज गर्ग ने मार्केटिंग सोसायटी के व्यवस्थापक से लेकर नैफेड के मुख्य प्रबंधक एवं जिला कलक्टर से भी बात की है, तो पूर्व सांसद बद्रीराम जाखड़ भी मुख्यमंत्री व सहकारिता मंत्री के समक्ष किसानों की पैरवी करने में जुटे हुए हैं।
गौरतलब है कि इस बार प्रदेश भर में 1 नवंबर से समर्थन मूल्य पर मूंग की खरीद का काम शुरू किया और समर्थन मूल्य 7196 रुपए प्रति क्विंटल तय किया था। इसको लेकर क्षेत्र के किसानों ने भोपालगढ़ मार्केटिंग सोसायटी सहित क्षेत्र के ओस्तरां व देवातड़ा में स्थापित खरीद केंद्रों पर मूंग बेचने के लिए टोकन भी ले लिए थे। हालांकि सर्वर डाउन होने एवं ई-मित्र केंद्रों पर रजिस्ट्रेशन के समय सीमा समाप्त होने का मैसेज दिखने के चलते अधिकांश किसान टोकन कटवा भी नहीं पाए थे।
यह है समस्या की जड़
नेफेड समर्थन मूल्य पर मूंग की खरीद निर्धारित एफएक्यू की गुणवत्ता के आधार पर करता है। जबकि नैफेड का मानना है कि इस बार बारिश से मूंग के दाने काले व खराब होने के साथ ही छोटे व अधपके भी हैं और करीब 30-40 प्रतिशत उपज खराब आ रही है।
इनका कहना है
एफएक्यू गुणवत्ता के अनुरूप नहीं आने वाले मूंग की यदि वे खरीद करते हैं, तो नेफेड उनसे यह मूंग नहीं लेगा और सारा भार सोसायटी पर आ जाएगा, जो कि सोसायटी वहन करने की स्थिति में नहीं है। एक मोटे अनुमान के मुताबिक भोपालगढ़ में प्रतिवर्ष करीब 50 से 60 हजार क्ंिवटल मूंग की सरकारी खरीद होती है और इसमें 30 से 40 प्रतिशत मूंग खराब आया, तो इसकी मात्रा करीब 20 से 25 हजार क्विंटल एवं राशि भी 15 से 20 करोड़ बनती है। जो कि सोसायटी वहन नहीं कर सकती है। ऐसे में मार्केटिंग सहित अन्य खरीद केंद्र भी इस बार खराब मूंग की उपज खरीदने का जोखिम नहीं ले रहे हैं।
- दीपाली सोनी, मार्केटिंग व्यवस्थापक
Published on:
20 Nov 2020 10:08 pm
