9 अगस्त 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

हस्ताक्षर मिसमेच में अटक गए ऑपरेशन, हंगामे के बाद अधीक्षक को करने पड़े हस्ताक्षर

पत्रिका लाइव : मथुरादास माथुर अस्पताल के हड्डी रोग विभाग में परेशान हुए मरीज
2 min read
Google source verification
Doctor's Signature caught in the mismatch at MDM hospital

हस्ताक्षर मिसमेच में अटक गए ऑपरेशन, हंगामे के बाद अधीक्षक को करने पड़े हस्ताक्षर

-परिजनों की नाराजगी के बाद अस्पताल अधीक्षक ने विवाद सुलझाया

जोधपुर

सरकारी अस्पतालों में चिकित्सकों कार्य प्रणाली को लेकर कई बार सवाल खड़े होते हैं। ऐसा ही एक वाकया गुरुवार को शहर के राजकीय मथुरादास माथुर अस्पताल में सामने आया।
अस्पताल में हड्डी रोग विभाग के वार्ड में भर्ती दो मरीजों के ऑपरेशन में इसलिए देरी हुई, क्योंकि मरीजों के ऑपरेशन भामाशाह योजना के तहत होने थे और उनके आवेदनों पर चिकित्सक अरूण वैश्य के हस्ताक्षर मिसमेच आ रहे थे। हड्डी रोग वार्ड में भर्ती रजलानी भोपालगढ़ निवासी 92 वर्षीय गवरीदेवी और सजाड़ा निवासी 45 वर्षीय रघुवीरसिंह का ऑपरेशन गुरुवार सुबह होना था।

मरीजों के परिजन ऑपरेशन के लिए चिकित्सक अरूण वैश्य के हस्ताक्षर वाले फार्म लेकर उपअधीक्षक पीके खत्री के चैम्बर में पहुंचे तो उन्होंने यह कहते हुए आवेदन लौटा दिए कि इस पर संबंधित चिकित्सक के हस्ताक्षर मैच नहीं कर रहे हैं। चिकित्सक के दुबारा हस्ताक्षर करवा कर लाओ। मरीजों के परिजन ने चिकित्सक वैश्य को यह बात बताई तो उन्होंने भी यही कहा कि उनके तो हस्ताक्षर यही है। इस पर दोपहर दो बजे तक मरीज के परिजन वार्ड व एमडीएम प्रशासनिक खण्ड के बीच फुटबाल बन गए। इसको लेकर मरीज के परिजनों ने परिजन के साथ आए श्यामसिंह सजाड़ा ने अस्पताल उपअधीक्षक डॉ. पीके खत्री के समक्ष नाराजगी जताई।

उन्होंने कहा कि ऑपरेशन के लिए बीती रात से ही मरीजों को खाना नहीं खिलाया व पानी पिलाना भी बंद कर दिया। दोपहर बाद भी अब ऑपरेशन नहीं हो रहे हैं तो मरीजों को परेशान क्यों किया? इस पर उपअधीक्षक ने मरीज के परिजन से कहा कि यहां आकर चिल्लाने की जरूरत नहीं है, चिकित्सक के दुबारा हस्ताक्षर करवाकर लाओ, तब ही आवेदन स्वीकार होंगे। उपअधीक्षक के इस जवाब के बाद में मरीज के परिजन व श्यामसिंह सजाड़ा अस्पताल अधीक्षक एमके आसेरी से मिले। आसेरी से संबंधित चिकित्सक से बात करने के बाद खुद ही हस्ताक्षर कर दिए। तब जाकर मामला शांत हुआ।

इनका कहना है-
मेरे पहले से ही शॉर्ट हस्ताक्षर चल रहे हैं, कन्फ्यूजन हुआ होगा, इसलिए फार्म लौटा दिए होंगे।

-डॉ. अरूण वैश्य, हड्डी रोग विशेषज्ञ, एमडीएम अस्पताल, जोधपुर

हड्डी रोग वार्ड के चिकित्सक ने अपने हस्ताक्षर बदलकर छोटे कर दिए। इसलिए असमंजस हुआ। बाद में मैंने हस्ताक्षर कर दिए।
-डॉ. एमके आसेरी, अस्पताल अधीक्षक, एमडीएम, जोधपुर

बड़ी खबरें

View All

जोधपुर

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग