9 अगस्त 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Heart: 13 साल पहले निकाले थे 3 बाइपास, अब बंद हुए तो डॉक्टरों ने मूल रास्ते खोले

एमडीएम अस्पताल में तीनों तकनीक एक साथ उपयोग करके की रोटोट्रेप्सी एंजियोप्लास्टी- प्रदेश का पहला सरकारी अस्पताल बना
2 min read
Google source verification
Heart: 13 साल पहले निकाले थे 3 बाइपास, अब बंद हुए तो डॉक्टरों ने मूल रास्ते खोले

Heart: 13 साल पहले निकाले थे 3 बाइपास, अब बंद हुए तो डॉक्टरों ने मूल रास्ते खोले

जोधपुर। मथुरादास माथुर अस्पताल में एक 68 वर्षीय मरीज की दुर्लभ रोटोट्रेप्सी एंजियोप्लास्टी की गई है जिसमें तीन तकनीकों का एक साथ प्रयोग किया गया। मरीज की तीनों धमनियों में 13 साल पहले तीन बाइपास लगे थे, जिसमें दो अब बंद पड़ गए। बाइपास मरीज का फिर से बाइपास मुश्किल होता है। डॉक्टरों ने दोनों बंद पड़े बाइपास को बगैर छेड़े धमनी के अब मूल रास्तों को ही खोलकर स्टंट लगा दिया। मरीज को 48 घण्टे बाद छुट्टी दे दी गई। एमडीएम अस्पताल प्रदेश का पहला सरकारी अस्पताल है जहां रोटोट्रेप्सी एंजियोप्लास्टी गई है। वैसे तो यह लाखों रुपए का ऑपरेशन है लेकिन मुख्यमंत्री चिरंजीवी योजना के अंतर्गत फ्री में किया गया।

ओसियां के रहने वाले 68 वर्षीय एक बुुजुर्ग एक सप्ताह पहले हार्ट अटैक की समस्या लेकर मथुरादास माथुर अस्पताल पहुंचे। डॉक्टरों ने देखा कि उनकी दो धमनी में ब्लॉकेज है। मरीज ने बताया कि उन्हें 2009 में तीनों धमनियों में ब्लॉकेज था। अहमदाबाद में इलाज के दौरान तीनों धमनियों में रक्त प्रवाह सुचारू बनाए रखने ग्राफ्ट लगाकर तीन बाइपास किए गए और धमनियों में ब्लॉकेज रहने दिया गया। तीन में से दो बाइपास में भी अब कैल्सिशियम जमा होने से वे बंद हो गए। एमडीएम अस्पताल के कार्डियोलॉजिस्ट डॉ पवन शारडा ने इसमें तीन तकनीक एथेरोटॉमी, रोटेशनल एथेरेक्टॉमी और इंट्रावास्कुलर लिथोट्रिप्सी (आईवीएल) का एक साथ उपयोग किया।

हीरे से काटा कैल्सिशियम, एक मिनट में 1.60 लाख बार धूर्णन
धमनी में 13 साल से जमे कैल्सिशियम को काटने के लिए Bहीरे का प्रयोग किया गया। हीरा प्रकृति में सर्वाधिक कठोर पदार्थ होता है। मशीन की सहायता से धमनी में हीरा एक मिनट में 1.60 लाख बार घूमता है। इस स्पीड से हीरे ने सतह पर जमे कैल्सिशियम को हटा दिया लेकिन धमनी के अंदरुनी हिस्सों में भी कैल्सिशयम जमा था उसे हटाने के लिए सोनार तरंगों का प्रयोग किया गया। पूरी धमनी साफ होने के बाद इसमें स्टंट डाला गया।

22 रोटोट्रिप्सी, 6 आईवीसी
एमडीएम अस्पताल में बीते छह महीने में 22 मरीजों की रोट्रोट्रिप्सी यानी हीरे से धमनी का ब्लॉकेज हटाकर एंजियोप्लास्टी की गई है। छह मरीजों की आईवीसी यानी सोनार तरंगों से ब्लॉकेज हटाए हैं। अस्पताल में आने वाले 80 प्रतिशत मरीज निजी अस्पतालों से रैफर होकर आते हैं।
-डॉ पवन शारडा, कार्डियोलॉजिस्ट, एमडीएम अस्पताल

बड़ी खबरें

View All

जोधपुर

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग