9 अगस्त 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

बाजरा की समर्थन मूल्य पर खरीद नहीं, किसानों को हो रहा नुकसान

औने-पौने भावो में बेचने को मजबूर किसान
less than 1 minute read
Google source verification

जोधपुर. जिले के मथानिया क्षेत्र में खरीफ फसल बाजरा की बम्पर पैदावार हुई। लेकिन सरकार की ओर से समर्थन मूल्य पर खरीद प्रक्रिया शुरू नहीं होने से किसान औने-पौने भावों में बेचने को मजबूर है। क्षेत्र के नेवरा रोड, किरमसरिया,थोब, गोपासरिया, माण्डियाई, रीनिया, कोटवाली, रामपुरा भाटियान, उम्मेदनगर, बालरवा, बींजवाडिया, बडला बासनी समेत 4 दर्जन से अधिक गावों में किसानो ने करीब 30 हजार हैक्टेयर से अधिक भूमि में बाजरे की बुआई की थी, जिससे बाजरे की बम्पर पैदावार हुई है।

ठगा जा रहा किसान
प्रगतिशील किसान धन्नाराम सोऊ ने बताया कि किसानों के खेतों में 5-6 क्ंिवटल बाजरे की पैदावार प्रति बीघा हुई है। कई किसानों के खेतों में हजारों मैट्रिक टन बाजरे की पैदावार हुई, लेकिन बाजरे के बाजार भावो में कोई बढोतरी नहीं हुई । बाजार में बाजरे के भाव 12-13 रुपए प्रति किलो चल रहे है। इससे किसानों को लागत मूल्य भी नहीं मिल रहा है। जबकि केन्द्र सरकार ने बाजरा का समर्थन मूल्य 2250 रुपए प्रति क्विंटल घोषित कर रखा है। समर्थन मूल्य पर बाजरा की खरीद नहीं होने से किसान अपने आप को ठगा सा महसूस कर रहा है।

किसानों को नुकसान हो रहा
मूूंग, मूंगफली आदि का समर्थन मूल्य खरीद केन्द्र स्थापित करके टोकन पंजीयन शुरू कर दिया है। बाजरे के बाजार भाव व समर्थन मूल्य पर खरीद में प्रति क्ंिवटल किसानो कों 900-1000 रुपए का नुकसान हो रहा है।

बड़ी खबरें

View All

जोधपुर

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग