
न सेटबैक छोड़ा और पार्किग की जगह, फिर कैसे बुझेगी आग
जोधपुर।
सोजती गेट की जिस बिल्डिंग में आग लगी और फायर एनओसी को लेकर चर्चाएं तेज हुई। उसमें एक बात यह भी स्पष्ट है कि कई बहुमंजिला इमारतों में न तो सेटबैक है और न ही पार्र्किंग जैसी मूलभूत सुविधाएं। ऐसे में इनके निर्माण की अनुमतियां भी सवालों के घेरे में है।
सोजती गेट जिस दुकान पर आग लगी वह चार मंजिला है और उसमें पार्र्किंग की कोई व्यवस्था नहीं। दूसरा बिना सेटबैक के एक के साथ दूसरी इमारत लगी है। जिसमें धडल्ले से व्यावसायिक कामकाज चल रहा है। आग लगने वाली इमारत के समीप ही निर्माणाधीन इमारत के भी यही हाल हैं। यहां निर्माण चलते हुए ही नहीं रोका तो ऐसे ही बहुमंजिला इमारत खड़ी हो जाएगी।
शहर में ऐसी इमारतों की भरमार
जब भी शहर या प्रदेश में ऐसी इमारतों को लेकर बड़ा हादसा होता है तो निगम प्रशासन जागता है। पिछले साल कोटा की कोचिंग संस्था की बहुमंजिला इमारत में आग लगने की घटना हुई तो पूरे शहर में जांच की गई। इसमें 100 से भी ज्यादा ऐसी इमारतें चिह्नित की गई, जहां सेटबैक सहित अन्य नियमों की धज्जियां उड़ रही थी। उनकी सूची बनी लेकिन इसके बाद ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।
गली में बने गलियारे
कई लोगों ने गली के बाहर टीन शेड और रैलिंग लगाकर गलियारे तक बना लिए हैं। यहां वाहन पार्र्किंग और गार्डन बन गए हैं। सरदारपुरा, रातानाडा क्षेत्र की कई गलियों में यह नजारे आम है। सरदारपुरा ए रोड स्थित ऐसी ही एक गली को रोक लिया गया है, शिकायतों पर भी निगम में कोई कार्रवाई नहीं।
Published on:
11 Jan 2021 06:04 pm
