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VIDEO: पेयजल की चोरी से सूखा हलक, सूखा पनघट!

पीपाड़सिटी क्षेत्र के गांवों में राजनीतिक प्रभावशाली लोगों के प्रभाव से खुले आम मुख्य पेयजल लाइनों से अवैध कनेक्शन कर पानी की चोरी किया जा रहा हैं।
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पेयजल की चोरी से सूखा हलक, सूखा पनघट!

पीपाड़सिटी (जोधपुर) . पंचायत समिति क्षेत्र के गांवों में राजनीतिक प्रभावशाली लोगों के प्रभाव से खुले आम मुख्य पेयजल लाइनों से अवैध कनेक्शन कर पानी की चोरी किया जा रहा हैं।

इसके साथ उसे टैंकर भर कर बेचने से सीमावर्ती गांव पालड़ी सिद्धा के उपभोक्ताओं को योजना में स्वीकृत जलापूर्ति भी नही मिल पा रही हैं। पानी की चोरी कर इसे बेचने के काले कारोबार में जलदाय विभाग के अधिकारियों के साथ पंचायत स्तर पर लगे कर्मचारियों की अनदेखी भी इस मु²े पर प्रश्नचिह्न लगाती है।



माणकलाव योजना से जुड़े गांव पालड़ी सिद्धा में भीषण गर्मी में हालात बिगड़े हुए हैं। सार्वजनिक तालाब सूखा है तो पुराना नलकूप भी नाकारा है। ऐसे में पेयजल का एकमात्र स्रोत माणकलाव योजना ही है। इसकी आपूर्ति गत एक माह से नहीं हो पा रही हैं। पालड़ीसिद्धा गांवप्रशासनिक स्तर पर पीपाड़सिटी मुख्यालय से जुड़ा है। जबकि जलदाय विभाग भोपालगढ़ के अधीन आता है।



मुख्य लाइन में अवैध कनेक्शन


खांगटा से पालड़ीसिद्धा गांव को जोडऩे वाली पेयजल लाइन छह किमी लम्बी है। इस पर व्यावसायियों के साथ प्रभावशाली लोगों ने स्थानीय कर्मचारियों की मिलीभगत से मुख्य लाइन में एक दर्जन से अधिक अवैध रूप से कनेक्शन कर रखे हैं। जबकि नियमों के अनुसार मुख्य लाइन से कोई कनेक्शन नहीं किया जा सकता हैं। विभाग के अधिकारी कभी शिकायत पर जांच की औपचारिकता पूरी करलेते हैं तो कभी पुलिस सुरक्षा का उपलब्ध नहीं होना भी परेशानी का प्रमुखकारण हैं।



गांव तक नही पहुंचता पानी


तीन दिन पहले खांगटा से पालड़ी सिद्धा की जलापूर्ति के लिए पानी छोड़ा गया। दो घण्टे तक पम्प करने के बावजूद भी पानी गांव तक नहीं पहुंचा। अवैध कनेक्शन धारकों ने बड़े-बड़े टांके बना रखे हैं तो कुछ लोग अपने कृषि हौज को भर कर खेती तक कर रहे हैं। लेकिन विभाग के जांच अधिकारी ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की हिम्मत नही जुटा पाते।



समन्वय का अभाव


गांवों में जलापूर्ति ग्राम पंचायतों के अधीन हैं, तो मुख्य लाइन पर विभाग के प्रोजेक्ट सेक्शन का अधिकार है जो ठेका कम्पनी के जिम्मे है और प्रशासनिक नियंत्रण जलदाय विभाग के पास हैं। लेकिन इसमें आपसी समन्वय नहीं होने से कई बार जलापूर्ति लडखड़़ा जाती है। इसका खमियाजा ग्रामीणों को प्यासे रह कर भुगतना पड़ता है।

इन्होंने कहा

खांगटा से पालड़ीसिद्धा मुख्य लाइन पर अवैध कनेक्शन हटाने के बाद जलापूर्ति सम्भव हैं।

-हनुमानराम चौधरी, सहायक अभियंता, भोपालगढ़

जलदाय विभाग को गर्मी के मौसम में पर्याप्त पेयजल आपूर्ति के साथ वैकल्पिक व्यवस्था के निर्देश दिए हैं।

-पुखराज गर्ग, विधायक, भोपालगढ़

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