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सर्दियों में भी पेयजल किल्लत, कई क्षेत्रों में एकाद घंटे जलापूर्ति

लो प्रेशर की समस्या से शहर में हजारों लोग परेशान

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सर्दियों में भी पेयजल किल्लत, कई क्षेत्रों में एकाद घंटे जलापूर्ति

सर्दियों में भी पेयजल किल्लत, कई क्षेत्रों में एकाद घंटे जलापूर्ति

जोधपुर. इस साल झमाझम बारिश जोधपुर में हुई और लबालब कायलाना भर गया। उम्मीद थी कि इस साल पानी का टोटा नहीं होगा। अब सर्दी में ये हालात है कि कई घरों में पानी की जलापूर्ति तक ढंग से नहीं हो रही। कई लोगों के घरों में डोरी की तरह पतला पानी आ रहा है। जिनके घर में पानी चढ़ाने के पंप नहीं हैं, उन लोगों के टांकों व टंकियों में तो पानी तक नहीं चढ़ रहा है। कई क्षेत्रों में पानी की बारी वाले दिन महज एकाद घंटे बामुश्किल से पानी सप्लाई हो रहा है। इस कारण सर्दी में भी कई लोग पानी को लेकर त्राही-त्राही करने लग गए हैं। कई क्षेत्रों में लोग सरकारी नल से अपनी मोटर लगाकर घर में पानी भर रहे हैं।

कहीं पानी तेज तो कहीं लो प्रेशर मेंशहर में दर्जनों बस्तियां व इलाके ऐसे हैं, जहां पर कहीं प्रेशर के साथ कहीं लो प्रेशर में पानी आ रहा है। इतना ही नहीं, भीतरी शहर के नवचौकिया-फतेहपोल आदि क्षेत्र में पानी की बारी के दिन जहां सात-आठ घंटे पानी आता है, वहीं उसके पास के इलाके नाइयों का बड़ व कोलरी आदि क्षेत्रों में लो प्रेशर के साथ पानी आता है। कई लोग ढंग से पानी भर तक नहीं पा रहे।

बदबूदार पानी भी आ रहा, इस साल 172 जनों को हुआ टाइफाइडशहर के कई इलाकों में बदबूदार व मटमैला पानी आ रहा है। लोगों का आरोप हैं कि सीवरेज के पानी से मिश्रित पानी कई बार घर में सप्लाई हो जाता है। वहीं सरकारी आंकड़े देखे तो इस साल जोधपुर में 172 जने टाइफाइड की चपेट में आए हैं। डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज की मंगलवार को जारी रिपोर्ट में दो जने टाइफाइड की चपेट में आए हैं।

सरकारी बिल जितनी राशि, एक टैंक में जा रहीपानी के बिल की बात करें तो करीबन तीन सौ-चार सौ रुपए आता हैं, लेकिन जिस दिन पानी ढंग से नहीं आता है या घरों में खत्म हो जाता है। इस दिन लोगों को 4 सौ 1 हजार रुपए तक खर्च करने पड़ते है। शहर के कई इलाके ऐसे हैं, जिन्हें माह में दो-तीन बार टैंकर का पानी मंगवाना ही पड़ता है। इन समस्याओं से जलदाय अधिकारियों को कोई सरोकार नहीं।

जनप्रतिनिधियों से मांग, क्षेत्र में हैडपंप की दरकार

मेरा घर चौपासनी हाउसिंग बोर्ड के आठवें सेक्टर में आया हुआ है। गर्मियों में तो पानी को तरस जाते हैं। सर्दियों में भी डोरी की तरह पानी आ रहा है। पास की बस्तियों में 9 घंटे फुल प्रेशर से पानी आता है। जनप्रतिनिधियों से हमारी मांग हैं कि यहां हैडपंप व ट्यूबवैल आदि खुदवाई जाए, ताकि पानी की समस्या से एकबारगी निजात मिले।

- संजय हर्ष, क्षेत्रवासी

सर्दी में डलवा रहे पानी के टैंकर

मोहल्ले में काफी समय से पेयजल आपूर्ति गड़बड़ाई हुई है। दो दिन में एक बार पानी सप्लाई होती है, लेकिन पानी का दबाव काफी कम आ रहा है। पहले की तुलना में पेयजल सप्लाई आधी से भी कम रह गई है। मोहल्लेवासी परेशान हैं। सर्दी में भी कई घरों में पानी के टैंकर डलवाए जा रहे हैं।

- पूनाराम जांगिड, मसूरिया

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