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नशेड़ी नशे के लिए दर्द का बहाना बना डॉक्टर्स लिखवा रहे दर्द निवारक गोलियां

एक दिन में खा रहे 70 दर्द निवारक गोलियांएमडीएम अस्पताल के मनोविकार केन्द्र में आ रहे कई रोगी
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saharanpur

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जोधपुर. राज्य सरकार की ओर से नशे के खिलाफ बरती जा रही सख्ती के बाद नशेड़ी अब दर्द निवारक ट्रमाडॉल टेबलेट खाने लगे हैं। एमडीएम अस्पताल के मनोविकार केन्द्र में ऐसे कई नशेड़ी ऐसे आ रहे हैं जो दिन भर में 70 गोली खा जाते हैं। कई ऐसे नशेड़ी भी हैं जो अस्पतालों की इमरजेंसी में दर्द का बहाना बनाकर आते हैंऔर चिकित्सकों को ट्रमाडॉल गोली लिखने का सुझाव दे रहे हैं।

ऐसे रोगियों का उपचार करना मनोचिकित्सकों के लिए चुनौती बन गया है।औषधि नियंत्रण संगठन विभाग भी ट्रमाडॉल गोली के बेचान व खरीद पर नजर रखता है। बगैर परामर्श पर्ची के ट्रमाडॉल सॉल्ट की दवा बेची भी नहीं जा सकती। कई मेडिकल स्टोर्स ने झमेले से बचने के लिए गोलियां रखनी बंद कर दी है। जबकि शहर के आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में बगैर परामर्श पर्ची और बिल के दर्द निवारक गोलियां नशेडिय़ों को मुहैया कराई जा रही है।

दिन में 30 से 70 गोलियां तक खा रहे
ट्रमाडॉल गोली लेने के बाद नशेडिय़ों को डोडा पोस्त जैसा नशा महसूस होता है। हम डोडा व अफीम का नशा करने वालों को निश्चित समय तक ट्रमाडॉल देते हैं। बाद में धीरे-धीरे कम करके रोगी को गोली देना बंद कर दी जाती है। कई नशेड़ी एक दिन में 30 से 70 ट्रमाडॉल गोली खा रहे हैं। इस गोली का ज्यादा सेवन किडनी-लीवर के लिए नुकसानदायी है।- डॉ. जीडी कूलवाल, विभागाध्यक्ष, मनोविकार विभाग, डॉ. एसएसएन मेडिकल कॉलेज

देखते ही पता लग जाता है नशेड़ी है
'कई बार रात को नशेड़ी दर्द का बहाना बना इमरजेंसी में आ जाते हैं। इनमें कई ऐसे भी होते हैं जो डाइक्लोफिनेक गोली लिखने पर ट्रमाडॉल गोली लिखने के लिए कहते हैं। हमें देखते ही पता लग जाता है कि नशेड़ी है।
- डॉ. विकास चौधरी, अध्यक्ष, जोधपुर रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन, डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज

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