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अविनाश केवलिया/जोधपुर. प्रदेश के 34 बड़े शहरों में वर्षों से जमा हो रहा कचरा बीमारी व प्रदूषण के साथ वहां के नगरीय निकाय के लिए भी खतरा बन गया है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की गाइड लाइन के अनुसार ऐसे शहरों से 5 लाख से 5 करोड़ रुपए जुर्माना वसूलने का प्रावधान किया है। इसके बाद स्वायत्त शासन विभाग ने सख्ती दिखाते हुए इन सभी शहरों के निकायों से डम्पिंग साइट पर पड़े कचरे का ब्यौरा मांगा है, साथ ही इनके अधिकारियों की बैठक भी बुलाई है।
जयपुर-जोधपुर सहित कई बड़े शहरों में कचरा निस्तारण की पुख्ता व्यवस्था नहीं होने और लाखों के जुर्माने की तलवार लटकने के बाद अब विभाग ने सख्ती दिखाई है। ऐसे वेस्ट जो कि डम्पिंग साइटों पर सालों से पड़े हैं उनकी जानकारी मांगी गई है। इसके अलावा प्रदूषण नियंत्रण मंडल के अधिकारियों के साथ संबंधित 34 निकायों के अधिकारियों व कचरा निस्तारण क्षेत्र में काम करने वाली पांच कंपनियों की एक संयुक्त बैठक भी विभाग आयोजित करवाएगा। इसमें कचरा निस्तारण के विकल्प पर चर्चा होगी।
इस फार्मेट में भेजनी है जानकारी
सभी निकायों को जानकारी में तीन प्रमुख बातों की जानकारी भेजनी है। इसमें एरिया ऑफ डम्पिंग ग्राउंड, औसत ऊंचाई और कचरे का वोल्यूम क्यूबिक मीटर में अंकित का स्वायत्त शासन विभाग को भिजवाना है। इससे प्रदेश स्तर पर जानकारी जुटाई जाएगी कि इस निकाय में कचरा निस्तारण की आवश्यकता जल्द करनी है और कौनसे शहर पर कितना जुर्माना लग सकता है।
इन शहरों के अधिकारियों को बुलाया
अगले सप्ताह जयपुर, जोधपुर, बीकानेर, भरतपुर, कोटा, अजमेर, सीकर, करौली, राजसमंद, अलवर, टोंक, ब्यावर, बूंदी, बारां, हनुमानगढ़ शहरों के निकाय अधिकारियों को बैठक के लिए निदेशालय बुलाया गया है। इसी प्रकार श्रीगंगानगर, झुंझुनूं, सुमेरपुर, तखतगढ़, शिवगंज, दौसा, नागौर, सवाइमाधोपुर, जैसलमेर, बाड़मेर, बांसवाड़ा, किशनगढ़, धौलपुर, चुरू, जालोर, सिरोही, चितौडगढ़़, प्रतापगढ़ और झालावाड़ निकायों को भी बुलाया गया है।
कचरा निस्तारण नहीं होने पर ऐसे वसूला जाएगा जुर्माना
-1 लाख से कम आबादी वाले शहरों से--- 5 लाख
-1 से 5 लाख तक की आबादी वाले निकायो से-- 10 लाख
-5 से 15 लाख तक की आबादी वाले निकायों से-- 1 करोड़
-15 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों से-- 5 करोड़
यह लोकल बॉक्स :: फैक्ट फाइल
- जोधपुर शहर में पिछले 10-12 साल से बंद है कचरा निस्तारण
- 650 टन कचरा प्रतिदिन केरू डम्पिंग साइट पर लाया जाता है
- 20 लाख टन से ज्यादा कचरा डम्पिंग साइट पर जमा होने का अंदेशा
Updated on:
16 Feb 2020 01:23 pm
Published on:
16 Feb 2020 01:23 pm
