9 फ़रवरी 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

दुल्हन शादी के आठ दिन बाद लाखों के जेवर व 4 लाख रुपए ले गई

- दुल्हे के घरवाले दुल्हन लाने गए तो उलटे 5.60 लाख रुपए मांगने का आरोप

2 min read
Google source verification
bride runaway with jwellery

पुलिस स्टेशन एयरपोर्ट।

जोधपुर।

एयरपोर्ट थानान्तर्गतशिकारगढ़ मिनी मार्केट में शादी के आठ दिन बाद एक दुल्हन लाखों रुपए के सोने व चांदी के आभूषण और चार लाख रुपए लेकर पीहर चली गई। काफी दिन तक वह नहीं लौटी तो दुल्हे के माता-पिता उसे लाने उत्तर प्रदेश गए तो दुल्हन भेजने की बजाय मामला निस्तारित करने के बदले 5.60 लाख रुपए मांगे।

पुलिस के अनुसार शिकारगढ़ मिनी मार्केट निवासी सत्यवीर सिंह पुत्र महक सिंह तोमर ने उत्तर प्रदेश में शामली में करोदा निवासी वर्षा, उसके पिता बिजेन्द्र मलिक, अक्षाय व उपासना पत्नी अक्षय पुत्री बिजेन्द्र के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया। आरोप है कि रिश्तेदार की बातों आकर सत्यवीरसिंह ने गत वर्ष 10 जून को अपने पुत्र नितिश तोमर की सगाई वर्षा से करवाई थी। गत वर्ष 25 फरवरी शामली में दोनों का विवाह करवाया गया था। जिसमें सत्यवीरसिंह ने पुत्रवधू के लिए लाखों रुपए के सोने व चांदी के आभूषण करवाए थे। 26 फरवरी को दुल्हा दुल्हन पैतृक गांव बागपत के हिलवाड़ी गए, जहां से दुल्हा दुल्हन दिल्ली से हवाई मार्ग से जोधपुर आ गए थे।

शादी की पहली रात से दुल्हन ने अपनी पति से अजीब बर्ताव शुरू कर दिया। दोनों के बीच कुछ दिन तक यही चला तो युवक ने पिता को अवगत कराया। उन्होंने दुल्हन के पिता से बात की। फिर 5 मार्च को दुल्हन के पिता व अन्य जोधपुर आए। पुत्री के बीमार होने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बड़ी पुत्री के साथ भी ऐसा हुआ था। तब झाड़ फूंक से वो ठीक हो गई। इसलिए वर्षा को भी झाड़-फूंक करवाने के लिए शामली ले जाना होगा। वे उसी दिन वर्षा को शामली ले गए थे। काफी दिन तक वो नहीं लौटी तो पिता ने बिजेन्द्र से बात की। उन्होंने शामली बुलाया, जहां पहुंचने पर पुत्री को भेजने से इनकार कर दिया। साथ ही मामला निस्तारण करने के लिए 5.60 लाख रुपए मांगे। ऐसा न करने पर कानूनी कार्रवाईयों की धमकियां दी। यह सुन वो घबरा गए और जोधपुर लौट आए थे।पीडि़त का कहना है कि उन्होंने आरोपियों के खिलाफ एयरपोर्ट थाने में शिकायत दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।