
Social Media की अफवाह-फेक न्यूज से निर्वाचन आयोग भी परेशान!
अविनाश केवलिया/जोधपुर. सोशल मीडिया पर राजनीतिक बयानबाजी और एक प्रकार की फेक न्यूज से निर्वाचन आयोग भी परेशान हो गया है। हालांकि सोशल मीडिया पर प्रचार व गतिविधियों पर नजर रखने का दावा आयोग की ओर से किया जा रहा है। लेकिन अब तो फेक न्यूज का शिकार खुद आयोग ही हो रहा है।
दरअसल, पिछले कुछ दिनों से यह संदेश सोशल मीडिया पर फैलाया जा रहा था कि जो प्रवासी हिंदुस्तानी है और जिनके पास भारत का पासपोर्ट है वे विदेश में बैठे-बैठे ऑनलाइन ही वोटिंग कर सकते हैं। निर्वाचन विभाग के पास इस प्रकार की कई जानकारियां और पूछताछ के लिए संदेश आने लगे। इस अफवाह से परेशान होकर अब भारत निर्वाचन विभाग ने एक अपील जारी की है। इसमें स्पष्ट किया गया है कि वोटिंग के लिए प्रवासी हिंदुस्तानियों को अपने देश व संबंधित बूथ तक आना ही होगा।
आयोग की यह अपील
आयोग ने अपनी वेबसाइट पर एडवाइजरी में कहा है ‘फेक न्यूज से सावधान’। ‘किसी भी प्रकार के मतदाताओं के लिए ऑनलाइन वोटिंग की सुविधा 2019 के चुनाव में नहीं है। प्रवासी हिंदुस्तानी चाहे तो फार्म 6 ए ऑनलाइन भर कर जमा करवा सकता है। लेकिन वोट डालने के लिए उसे अपने बूथ तक आना ही होगा।’ 6 ए जो कि प्रवासी हिंदुस्तानियों के लिए एक फार्म है, जो सोशल मीडिया पर ऑनलाइन वोटिंग के नाम से प्रचारित किया जा रहा था।
हर लोकसभा क्षेत्र में मॉनिटरिंग के निर्देश
इधर प्रत्येक लोकसभा क्षेत्र में पार्टी प्रत्याशियों के सोशल मीडिया प्रचार पर भी नजर रखी जा रही है। विधानसभा चुनाव में सोशल मीडिया पर कई टिप्पणियों को लेकर कार्रवाई हो चुकी है। अभी प्रधानमंत्री के विरुद्ध सोशल मीडिया पर एक टिप्पणी ने व्यक्ति को जेल पहुंचा दिया था।
क्या है 6 ए
प्रवासी हिंदुस्तानी विदेश में बैठे-बैठे अपना नाम वोटर लिस्ट में जुड़वाने के लिए इस फार्म को भर निर्वाचन आयोग में जमा करवा सकते हैं। इसके लिए एप एवं वेबसाइट पर ऑनलाइन फार्म जमा करवाने की व्यवस्था है। इनका कहना... सोशल मीडिया पर इस तरह के मैसेज फेक है। ऑनलाइन वोटिंग जैसी कोई सुविधा नहीं है। 6ए के तहत कोई प्रवासी नाम जुड़वाना चाहे तो ऑनलाइन आवेदन जरूर कर सकता है।
- डॉ. जोगाराम, अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी, राजस्थान
Updated on:
31 Mar 2019 11:37 am
Published on:
31 Mar 2019 11:37 am
