
इस बार नेताजी पैर लग कर ‘गले नहीं’ पड़ सकते, प्रत्याशी हाथ और गले भी नहीं मिल सकते
जोधपुर. ‘काकोसा आपरा टाबर हां, ध्यान राखजो...’ ‘काकीसा म्हाने आशीर्वाद दो...’ यह कहते हुए नेताजी पैर पकड़ लेते हैं। गांव की गलियों और चौबारों में चुनाव के समय कुछ ऐसा ही माहौल देखने को मिलता है। सुबह प्रचार पर निकले नेताजी अनगिनत बार बड़े बुजुर्गों के पैर लगते हैं। बराबर वालों से हाथ मिलाते हैं और किसी-किसी को तो गले भी लगा लेते हैं। लेकिन इस बार के चुनावों में ऐसा करना घातक होगा। राज्य निर्वाचन आयोग ने भी कोरोना महामारी के चलते प्रचार की गाइड लाइन जारी की है।
आयोग ने जो निर्देश जारी किए हैं उसमें मास्क लगाकर प्रचार करने और सोशल डिस्टेंसिंग रखने की बात तो कही ही है। साथ ही घर-घर प्रचार में पांच से ज्यादा व्यक्तियों को शामिल करने पर भी मनाही होगी। प्रचार के लिए नेताजी निकलेंगे तो कोरोना के कारण किसी से व्यक्तिगत सम्पर्क में नहीं आ सकते। हाथ जोड़ कर 6 फीट दूर से नमस्कार करना होगा। चुनाव प्रचार में यह पहला मौका होगा जब माला पहनाने से पहले भी लोगों को कई बार सोचना होगा।
इन तीन बातों की सख्ती
१. नेताजी किसी से भी हाथ नहीं मिला सकते।
२. किसी के गले नहीं लग सकते।
३. किसी के पैर भी नहीं छू सकते।
लोगों को सजग होना होगा
ग्रामीण क्षेत्रों में चुनाव प्रचार के समय खुद लोगों को ही सजग होना होगा। यदि कोई प्रत्याशी खुद ही हाथ मिलाने या गले लगने के प्रयास करे तो उसे स्पष्ट मना कर सकते हैं। चुनावों में भागीदारी निभाएं लेकिन कोरोना से बचना जरूरी है। एक-दूसरे के सम्पर्क में आने से कोरोना फैलाने का कारण बन सकते हैं।
Updated on:
21 Sept 2020 09:44 am
Published on:
21 Sept 2020 09:44 am
