
Rajasthan BJP Election Managing Committee Convener Gajendrasingh Shekhawat
जोधपुर.राजस्थान भाजपा चुनाव प्रबंधन समिति के संयोजक बनने के बाद पहली बार जोधपुर आए केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री व जोधपुर सांसद गजेंद्रसिंह शेखावत ने कहा कि अगर पार्टी में उपेक्षा हो तो रैली न निकालें, बल्कि पार्टी के बड़े लोगों से बात करें। उन्होंने यहां आयोजित प्रेस वार्ता मेंं यह बात कही। शेखावत प्रेस वार्ता में राजपूत समाज के विरोध व अन्य मामलों पर भी बोले।
समाज में सरकार के प्रति कोई विरोध नहीं
चुनाव प्रबंधन समिति में संयोजक नियुक्त होने के बाद पहली बार जोधपुर आने पर उनका कार्यकर्ताओं ने गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने अपने निवास पर आयोजित प्रेस से वार्ता में कहा कि राजपूत समाज में सरकार के प्रति कोई विरोध नहीं है। यदि शिव विधायक मानवेंद्रसिंह को लगता है कि उनकी उपेक्षा हुई है तो वह पार्टी व परिवार के बड़े सदस्यों से बात करें, यह नहीं कि रैली निकालने लग जाएं।
जब कभी बदलाव आया, क्षत्रिय समाज ने योगदान दिया
शेखावत ने कहा कि जब कभी भी बदलाव आया है तो क्षत्रिय समाज ने योगदान दिया है। सभी बैठ कर बात करेंगे और विचार करेंगे, कोई गलतफहमी है तो वह दूर करेंगे। हालांकि उन्होंने शिव विधायक मानवेन्द्रसिंह से रैली के संबंध में किसी प्रकार की बात होने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि ४८ साल से केंद्र सरकार एक परिवार के नेतृत्व में चल रही थी, अब पिछले ४८ माह से केन्द्र सरकार विकास के नाम पर काम कर रही है। केन्द्र और प्रदेश सरकार के इसी विकास कार्यों को लेकर कार्यकर्ताओं को जनता के बीच जाना होगा।
एक्ट ३० साल पुराना है
एससी-एसटी एक्ट के मामले में वर्गों के बीच खींचतान के मुद्दे पर शेखावत ने कहा कि कुछ लोग समाज को बांट कर राजनीति कर रहे हैं। जबकि यह एक्ट ३० साल पुराना है। इसमें सिर्फ इतनी ही बात जोड़ी गई है कि जरूरत हो तो गिरफ्तार किया जाए।
जीएसटी में लाने के लिए प्रदेश की सहमति जरूरी
शेखावत ने एक सवाल के जवाब में कहा कि प्रदेश की सरकार ने वैट कम कर जनता को राहत दी है। दूसरे राज्यों की अपेक्षा अधिक कमी और जल्द निर्णय लिया है। उन्होंने पेट्रोल-डीजल को जीएसटी में शामिल करने के मामले में प्रदेश की सरकारों के सहमत होने की भी बात कही।
जमीन से जुड़े लोग ही भाजपा में आगे जाते हैं
उन्होंने विधानसभा चुनावों में टिकट वितरण के बारे में कहा कि भाजपा में जो कार्यकर्ता जमीन से जुड़ कर मेहनत करता है, वही सफल होता है। अभी कई मापदंड भी तय होंगे।
Published on:
10 Sept 2018 06:10 pm
