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एनकाउंटर : बदमाशों की फायरिंग से पुलिस की बोलेरो बने निशान

- पेशी के दौरान मृतक ने साथी को कराया था फरार, फिर गैंग बनाई, पुलिस पर पहले भी की थी अंधाधुंध फायरिंग
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बाड़मेर जिले का चीबी गांव जहां पुलिस व बदमाशों में एनकाउंटर हुआ और पुलिस की गोली से एक वांछित की मौत हो गईं थी।,बाड़मेर जिले का चीबी गांव जहां पुलिस व बदमाशों में एनकाउंटर हुआ और पुलिस की गोली से एक वांछित की मौत हो गईं थी।,सड़क दुर्घटना में घायल युवक से जानकारी लेते हुए पुलिस,सड़क दुर्घटना में घायल युवक से जानकारी लेते हुए पुलिस,पुलिस की बोलेरो जिस पर एनकाउंटर के दौरान बदमाशों ने फायरिंग की थी।

जोधपुर।
बाड़मेर जिले में चीबी गांव के पास पुलिस एनकाउंटर के दौरान वांटेड ओमप्रकाश उर्फ ओमाराम जाट व कोसलाराम जाट ने अनेक राउण्ड फायरिंग की थी। तीन गोलियां पुलिस की बोलेरो पर लगी थी। एक गोली मुख्य शीशे को चीरकर निकल गई थी। गनीमत रही कि कोई हताहत नहीं हुआ। दूसरी गोली कांस्टेबल गोपाल की बुलेट प्ररूफ जैकेट पर भी लगी थी। जैकेट की वजह से उसकी जान बच गई थी। पुलिस ने फिलहाल एनकाउंटर स्थल को सील किया है। एपुएसएल ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं।
एनकाउंटर में जान गंवाने वाला ओमप्रकाश उर्फ ओमाराम और घायल कोसलाराम जाट हार्डकोर व आला दर्जे के बदमाश हैं। वर्ष 2019 में कोसलाराम जोधपुर में न्यायिक अभिरक्षा में था। तब उसे पेशी पर कोर्ट लाया गया था, जहां महामंदिर थाना क्षेत्र में ओमप्रकाश पुलिस हिरासत में कोसलाराम को भगाकर ले गया था।
इसके बाद से दोनों वाहन चोरी व डोडा पोस्त तस्करी में लिप्त हो गए थे। आरोपियों ने बाड़मेर में अपने गांव व आस-पास के युवकों की गैंग बना ली।
पुलिस का कहना है कि ओमप्रकाश के खिलाफ सिरोही, प्रतापगढ़, महाराष्ट्र के नंदूरबार में एनडीपएस एक्ट व आर्म्स एक्ट के मामले दर्ज हैं। बाड़मेर के बायतु, सिवाना, पचपदरा में भी तस्करी, अवैध हथियार व पुलिस पर हमले के मामले दर्ज हो रखे हैं।
गत अप्रेल में बाड़मेर की सिवाना थाना पुलिस ने नाकाबंदी की थी। तब ओमप्रकाश, किशन, जोगाराम व अन्य डोडा पोस्त से भरे तीन वाहन लेकर आए थे। बाड़मेर-जालोर सीमा पर पुलिस ने रोका तो अंधाधुंध फायरिंग की थी। जवाबी फायरिंग होने पर यह बदमाश पहाड़ों में भाग गए थे। पुलिस ने पीछा कर इन्हें पकड़ा था। न्यायिक अभिरक्षा में भेजने पर ओमप्रकाश को महाराष्ट्र की नंदूबार पुलिस पकड़कर ले गई थी, लेकिन कोशलाराम व गैंग नंदूबार में ओमप्रकाश को पुलिस हिरासत से भगा ले गए।
गैंग सरगना है घायल कोसलाराम
पुलिस की गोली से घायल कोसलाराम गैंग सरगना है। उसके खिलाफ अवैध शराब, तस्करी, मारपीट, फायरिंग व जानलेवा हमले आदि के मामले दर्ज हैं। वह बेखौफ पुलिस पर फायरिंग करता है। प्रतापगढ़ में गिरफ्तार गिरधारी, वांटेड ठाकरा बांगरवा, जेल में बंद किशन उर्फ अंग्रेज, हेमाराम, अचलाराम, केसा मारवाड़ी इनकी साथी हैं।

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