
दलित बच्चों को ऊंचे से पिलाया पानी, सवर्ण को हाथ में दिया लोटा!
बेलवा/जोधपुर. समाज में जातिगत भेदभाव मिटाने की बातों के बीच बेलवा क्षेत्र के एक सरकारी स्कूल में बुधवार को आयरन की गोलियां खिलाने के दौरान जातीय भेदभाव का कथित वीडियो वायरल हुआ है।
वायरल वीडियो में बताया गया कि आयरन की गोलियां खिलाने के दौरान दलित बच्चों को ऊपर से पानी पिलाया गया, जबकि सवर्ण जातियों के बच्चों ने गोली खाने के बाद लोटा हाथ में लेकर पानी पीया। कुछ दलित बच्चों ने मुंह में ऊपर से डाला जा रहा पानी पीने की जगह जलस्त्रोत से पानी पीया। बड़ी बात यह कि पूरा वाकया प्रधानाध्यापक के सामने घटित हुआ।
शिक्षा विभाग के निर्देश पर बुधवार को गोपालसर भाखरी का बास के देवगढ में राउप्रावि में अध्ययनरत 158 विद्यार्थियों को आयरन की गोलियां खिलाई थी। वीडियो के साथ बताया जा रहा है कि इस दौरान पानी पिलाने में दलितों के साथ भेदभाव किया गया। यह वीडियो हेडमास्टर के मोबाइल से एक बच्चे ने बनाया है। दलित समाज ने प्रशासन व शिक्षा विभाग से इस मामले की जांच कराने और स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
दलित बच्चों के साथ अन्याय
‘वायरल वीडियो में बच्चों को आयरन की गोलियां खिलाने के दौरान प्रधानाध्यापक के सामने भेदभाव होना शर्मनाक है। यह दलितों के साथ घोर अन्याय है।
बिरमाराम, पूर्व सरपंच गोपालसर
भेदभाव की खबरें गलत
‘स्कूल में आयरन की गोलियां खिलाने का वीडियो मैंने ही एक बच्चे से बनवाया था। उसमें किसी भी बच्चे से भेदभाव की भावना नहीं थी। सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही भेदभाव संबंधी खबरें गलत हैं।
राजेन्द्रकुमार मीणा, प्रधानाध्यापक, राउप्रावि गोपालसर भाखरी।
शिक्षा अधिकारी बोले जांच करेंगे
‘गोपालसर गांव के राउप्रावि भाखरी का बास में जातीय भेदभाव की जानकारी मिली है। विद्यालय में ऐसी घटना हुई है तो शर्मनाक है। मामले की सोमवार तक जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।
अमृतलाल, सीबीओ, बालेसर
‘सरकारी स्कूल में भेदभाव अस्वीकार्य है। मामले की निष्पक्ष जांच के लिए बालेसर सीबीओ को निर्देश दिए हैं। दोषी शिक्षक के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।
धर्मेन्द्र कुमार जोशी, प्रारम्भिक जिला शिक्षा अधिकारी जोधपुर
Updated on:
01 Feb 2019 12:26 am
Published on:
01 Feb 2019 12:26 am
