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विदेशों से मिल रही चुनौती, निर्यातक कर रहे सामना

  जोधपुर के हैण्डीकाफ्ट निर्यातकों को चीन, विएतनाम, इंडोनेशिया आदि देशों से प्रतिस्पर्धा निर्यात ही नहीं निर्यातक भी बढ़ रहे
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जोधपुर

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Amit Dave

Nov 02, 2018

jodhpur

विदेशों से मिल रही चुनौती, निर्यातक कर रहे सामना

जोधपुर।

विश्वविख्यात जोधपुर के हैण्डीक्राफ्ट निर्यात उद्योग को बढ़ती वैश्विक प्रतिस्पर्धा के साथ विदेशों देशों से चुनौतियों का सामना भी करना पड़ रहा है। हाल ही के वर्षो में हैण्डीक्राफ्ट उद्योग में उभरे चीन, इंडोनेशिया, विएतनाम, मलेशिया, सिंगापुर आदि देशों से जोधपुर के निर्यातकों की प्रतिस्पर्धा है। इन देशों मेंहैण्डीक्राफ्ट उत्पाद बनाने में काम आने वाली लकड़ी आसानी से उपलब्ध हो जाती है। कर दरें लचीली व आधी है, इन देशों में निर्यात उद्योग को विशेष छूट तथा आयात-निर्यात नीति सरल है। इन कारणों से भारतीय निर्यातकों को प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है। चीन-इंडोनेशिया जैसे देशों में टैक्स फ्री है। इसके विपरीत, भारत में आयात-निर्यात नीति जटिल है। सरकार निर्यात के नाम पर छूट के लिए टैक्स रिफण्ड आदि प्रयास कर रही है, लेकिन निर्यातकों को समय पर पूरा लाभ नहीं मिल रहा है। इसके अलावा, जीएसटी आदि जटिल पैचीदगियों के कारण निर्यातक सरकारी औपचारिकताओं में ही उलझकर रह जाते है।

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निर्यातक कर रहे चुनौती का सामना

विदेशी देशों से मिल रही चुनौती का जोधपुर व देश के निर्यातक सामना कर निर्यात उद्योग को ऊंचाइयों पर ले जा रहे है। कड़ी प्रतिस्पर्धा के बावजूद भी हैण्डीक्राफ्ट निर्यात इंडस्ट्री में सूर्यनगरी के बढ़ते प्रभाव का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि निर्यात के साथ निर्यातकों के आंकड़ों में भी वृद्धि हो रही है। 2011 में जोधपुर से कुल 347 निर्यातक रजिस्टर्ड थे जो 2017-18 वित्तीय वर्ष में 850 हो गए । जोधपुर से लकड़ी, लोहा, मैटल व टैक्सटाइल उत्पादों का एक्सपोर्ट हो रहा है। इनमें देश से लकड़ी के हैण्डीक्राफ्ट उत्पादों का सबसे ज्यादा निर्यात जोधपुर से ही होता है। शहर से अमरीका, जर्मनी, फ्रांस, आस्ट्रेलिया, कनाड़ा, इटली, स्पेन, स्विट्जरलैण्ड, सउदी अरब व इग्लैड के अलावा कई देश में कई छोटे-बडे शहरों में हस्तषिल्प उत्पादों का निर्यात किया जा रहा है ।

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गौरव की बात

जोधपुर से प्रतिवर्ष लगभग 2 हजार करोड़ का निर्यात होता है और इसके साथ ही करीब ३ लाख लोगों को प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रोजगार मुहैया कराने वाला राजस्थान का सबसे बड़ा उद्योग है। देश से हैण्डीक्राफ्ट आयटम्स के कुल निर्यात के करीब 20 प्रतिशत हिस्सा जोधपुर का है । यह जोधपुर की हैण्डीक्राफ्ट इंडस्ट्री के लिए गौरव की बात है।

डॉ. भरत दिनेश, अध्यक्ष

जोधपुर हैण्डीक्राफ्ट एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन

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