9 अगस्त 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

वेतन स्थिरीकरण के लिए शिक्षा विभाग संयुक्त निदेशक के किए फर्जी हस्ताक्षर

  - शिक्षा विभाग ने सेवानिवृत्त मंत्रालयिक कर्मचारी और व्याख्याता के खिलाफ एफआइआर दर्ज कराई
less than 1 minute read
Google source verification
वेतन स्थिरीकरण के लिए शिक्षा विभाग संयुक्त निदेशक के किए फर्जी हस्ताक्षर

वेतन स्थिरीकरण के लिए शिक्षा विभाग संयुक्त निदेशक के किए फर्जी हस्ताक्षर

जोधपुर.
शिक्षा विभाग में जोधपुर मंडल स्कूल शिक्षा के संयुक्त निदेशक प्रेमचंद सांखला के नाम से वेतन स्थिरीकरण के एक प्रकरण में फर्जी हस्ताक्षर कर दिए गए। सेवानिवृत्त मंत्रालयिक कर्मचारी और व्याख्याता पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए शिक्षा विभाग ने उदयमंदिर थाने में एफआइआर दर्ज कराई।

स्कूल शिक्षा जोधपुर मंडल के संयुक्त निदेशक की ओर से नैनाराम व अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया। आरोप है कि गत 14 जुलाई को राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय सालवां कला प्रिंसिपल ने अपने स्कूल व्याख्याता नेनाराम के वेतन स्थिरीकरण का प्रकरण उनके कार्यालय भेजा। जिसमें संबंधित कार्मिक की सेवा पुस्तिका व संलग्न किए गए दस्तावेजों का अनुशीलन करने पर पाया गया कि नेनाराम की 27 वर्षीय एसीपी के आदेश पर उनके कार्यालय का पता व पदनाम दर्शित है। उनके हस्ताक्षर भी अंकित हैं, जो बिल्कुल ही कूटरचित दिखे। इस आदेश पर किए गए हस्ताक्षर व डिसपेच नंबर व वास्तविक यर्थात नहीं है। नेनाराम ने पूछताछ में बताया कि सेवानिवृत्त लिपिक चौपासनी हाउसिंग बोर्ड 15 एस निवासी रमाकांत दवे ने 40 हजार रुपए लेकर दस्तावेज उपलब्ध कराए। संयुक्त निदेशक सांखला ने कहा कि दोनों ने मिलीभगत करके कूटरचित कार्य किया है।
पुलिस ने बताया कि मामला दर्ज कर जांच किया गया है। एसआइ देवीसिंह को जांच सौंपी गई है।

बड़ी खबरें

View All

जोधपुर

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग