
जाते-जाते आंकड़ों में भरपाई कर रहा मानसून
जोधपुर. पश्चिमी राजस्थान से मानसून की विदाई की सामान्य तिथि 17 सितम्बर है जो शुक्रवार को समाप्त हो गई लेकिन मानसून अभी भी 10-12 दिनों तक रहेगा। जुलाई और अगस्त में कम बारिश के कारण प्रदेश के जोधपुर, बीकानेर और उदयपुर संभाग में फसलों को काफी नुकसान हुआ लेकिन अब मानसून आंकड़ों में भरपाई कर रहा है। समग्र रूप से देखें तो वर्तमान में प्रदेश में 3 प्रतिशत अधिक बारिश रिकॉर्ड हो चुकी है। इसमें पूर्वी राजस्थान के 23 जिलों में 6 प्रतिशत अधिक बारिश हुई है जबकि पश्चिमी राजस्थान में केवल दो प्रतिशत कम बारिश है। जिला स्तर पर देखें तो 33 में से 14 जिलों में अभी भी कम बारिश है। मानसून ने सितम्बर में काफी जगह बारिश की लेकिन यह बारिश किसानों के लिए कोई खास काम नहीं आई।
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राजस्थान में 1 जून से 18 सितम्बर तक की बारिश
- 414.4 मिलीमीटर पानी बरस चुका है अब तक प्रदेश में
- 402 मिली है सामान्य बारिश का औसत
- 619.4 मिमी बारिश हुई है पूर्वी राजस्थान के 23 जिलों में
- 583.7 मिमी बारिश का औसत है पूर्वी राजस्थान में
- 251.6 मिमी बारिश हुई है पश्चिमी राजस्थान के दस जिलों में
- 257.7 मिमी सामान्य बारिश है पश्चिमी राजस्थान में
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- 9 जिलों में अत्यधिक बारिश
- 16 जिलों में सामान्य बारिश
- 8 जिलों में सूखे की स्थिति
(सामान्य से 20 प्रतिशत से अधिक बारिश अत्यधिक बारिश और 20 प्रतिशत कम बारिश को सूखा कहा जाता है।)
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प्रदेश के इन जिलों में सबसे कम बारिश
- 47 फीसदी कम बारिश सिरोही में
- 36 फीसदी कम बारिश श्रीगंगानगर में
- 33 फीसदी कम बारिश जालोर में
- 28 फीसदी कम बारिश पाली में
- 27 फीसदी कम बारिश डूंगरपुर में
- 25 फीसदी कम बारिश बाड़मेर में
- 23 फीसदी कम बारिश उदयपुर में
- 21 फीसदी कम बारिश जोधपुर में
- 19 फीसदी कम बारिश बांसवाड़ा में
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इन जिलों में हुई अधिक बारिश
- 53 फीसदी अधिक बारिश चूरू में
- 46 फीसदी अधिक बारिश बारां में
- 46 फीसदी अधिक बारिश सवाई माधोपुर में
- 43 फीसदी अधिक बारिश कोटा में
- 40 फीसदी अधिक बारिश बूंदी में
- 31 फीसदी अधिक बारिश सीकर में
Published on:
19 Sept 2021 05:26 pm
