
एक्सप्रेस हाइवे के लिए जमीन अवाप्ति के खिलाफ आंदोलन पर उतरे किसान
बालेसर (जोधपुर). भारतमाला परियोजना के अन्तर्गत अमृतसर से जामनगर गुजरात तक बनाए जाने वाले सिक्स लेन एक्सप्रेस हाइवे के लिए बालेसर उपखण्ड क्षेत्र में जमीन अवाप्ति की प्रकिया शुरू होने से किसान मुआवजा राशि को अपर्याप्त मानते हुए इसे बढ़वाने के लिए रणनीति बनाकर आंदोलन पर उतर आए है।
इससे प्रभावित होने वाले किसानों ने उपखण्ड मुख्यालय पर प्रदर्शन कर मांगों को लेकर उपखण्ड अधिकारी रोहित कुमार को ज्ञापन सौंपा और हरियाणा व पंजाब की तर्ज पर मुआवजा राशि देने की मांग की।
अमृतसर से जामनगर गुजरात तक एक्सप्रेस हाइवे निर्माण के लिए बालेसर उपखण्ड क्षेत्र में चिडवाई, विजयनगर, भानगढ, बिराई, देवगढ, ढाढणिया भायला, ढाढणिया सासण, घुडियाला, गोकुलनगर, हिंगलाज नगर, झकरसर, मोटलजी का वास, मुकनसर, आगोलाई सहित कई गांवो में होते हुए यह एक्सप्रेस हाइवे निकलेगा। प्रशासन ने इन गांवो में संबंधित खसरे के खाताधारक किसानों को नोटिस भेजा है।
बालेसर उपखण्ड मुख्यालय पर 27 व 28 सितंबर सुनवाई तारीख तय की गई है। संबंधित व्यक्ति अपने दावे व आपत्तियां पेश कर सकते है। जमीन अवाप्ति के नोटिस मिलने के बाद किसानों मंे खलबली मच गई। बालेसर उपखण्ड क्षेत्र में भारतमाला परियोजना अन्तर्गत एक्सप्रेस हाइवे निर्माण से 309 खातेदार किसान प्रभावित होगें। बुधवार को एसडीएम के समक्ष इन किसानों ने कई सवाल भी रखे। ज्ञापन देने पहुंचे कई किसानों की पूरी जमीन इस परियोजना में अधिग्रहित हो रही है। जिसको लेकर वे काफी मानसिक तनाव में हैं।
वहीं एसडीएम रोहित कुमार ने इस संबंध में किसानों को सम्पूर्ण परियोजना के बारे में विस्तृत रूप से बताया तथा कहा कि सरकार किसानों को पर्याप्त मुआवजा देगी। इसके लिए किसान बिल्कुल भी भयभीत न हो। इस दौरान भूमि अवाप्ति संघर्ष समिति के संयोजक हुकमाराम चौधरी, सामाजिक कार्यकर्ता भंवर सोऊ, कोनरी सरपंच पोकरराम डऊकिया, आगोलाई सरपंच दिनेश शर्मा, धनाराम, गणेश, बाबूराम गोदारा, दीपाराम, सोमाराम, थानाराम, गुमनाराम, तेजाराम, कानाराम, चोखाराम, नराराम, रूपाराम, खेत सिंह, मंगल चंद, सुभाष कड़वासरा, प्रकाश, ताजू डऊकिया, सरपंच खियाराम, हनुमानराम, ओम सांई सहित लोग मौजूद रहे।
किसानों की मांगें
किसानों ने एसडीएम को सौंपे ज्ञापन में बताया कि तहसील क्षेत्र में भूमि अवाप्ति में समस्त खसरों का सर्वे व मुआवजा एक साथ दिया जाए। भूमि अवाप्त किए जाने वाले प्रत्येक खाताधारकों के परिवार के एक-एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए। अवाप्त जमीन का मुआवजा बाजार से पांच गुना दिया जाए, खाताधारकों की मांगें पूरी होने के बाद सडक़ निर्माण शुरु किया जाए, जमीन अधिग्रहण की नीतियों को सरकार तुरंत सार्वजनिक करे, अधिग्रहण में मकान, पेड़, तारबंदी सहित व्यवसायिक संस्थानों को होने वाले नुकसान की भरपाई पांच गुना की जाने सहित 11 सूत्रीय मांगें सौंपी गई। वहीं किसानों ने क्षेत्र के ढांढणिया, आगोलाई, कोनरी, दूगर, तोलेसर, बावरली सहित गांवों में पेयजल व्यवस्था सुधारने की मांग भी रखी।
Updated on:
26 Sept 2018 11:33 pm
Published on:
26 Sept 2018 11:33 pm
