सड़क पार करने के दौरान हादसे का शिकार हुई आफरीन शुरू से थी टॉपर स्टूडेंट, FDDI ने लगाई सुरक्षा की गुहार

सड़क पार करने के दौरान हादसे का शिकार हुई आफरीन शुरू से थी टॉपर स्टूडेंट, FDDI ने लगाई सुरक्षा की गुहार
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Harshwardhan Singh Bhati | Publish: Aug, 10 2018 09:22:23 AM (IST) Jodhpur, Rajasthan, India

पत्थर से भरे ट्रक ने छात्रा को रौंदने का मामला, तीन पुत्रियों में मंझली थी मृतका

जोधपुर. 'तीन पुत्रियों में सहर आफरीन मंझली थी। बड़ी पुत्री रफत शाहीन गोल्ड मेडलिस्ट है और वह बैंगलूरु में बीटेक कर रही है। सबसे छोटी पुत्री समर नौशीन जवाहर नवोदय विद्यालय में दसवीं की छात्रा है। मंझली पुत्री सहर का प्रवेश 29 जुलाई को एफडीडीआइ में कराया था। ऑनलाइन 94 हजार रुपए फीस जमा कराई थी। सहर शुरू से ही क्लास टॉपर रही थी। फैक्ट्री बंद होने के बाद मैंने पुराने अखबार का काम शुरू कर किया था। पुत्र नहीं होने से सहर व्यवसाय के साथ ही घर में भी हाथ बंटाती थी।' यह कहना है कि झारखंड रांची जिले के खालेर थानान्तर्गत जेहली जोर निवासी सफीक अंसारी का। उनकी पुत्री सहर आफरीन (19) को बुधवार रात नागौर रोड पर एफडीडीआइ के सामने पत्थर से भरे ट्रक ने कुचल दिया था। दोनों टायर ऊपर से निकलने से उसकी मौके पर ही मृत्यु हो गई। रांची से दिल्ली और फिर विमान से गुरुवार को जोधपुर पहुंचे पिता सफीक अंसारी ने पत्रिका से कहा कि पुत्री को एफडीडीआइ में प्रवेश के साथ ही छात्रावास में कमरा दिलाकर वो दो दिन ट्रेन का सफर कर सात अगस्त को रांची पहुंचे थे। दूसरे ही दिन यानि आठ अगस्त को पुत्री की मौत की जानकारी मिली। गौरतलब है कि सहर आफरीन बुधवार रात आठ बजे शहर से दो सहपाठी छात्राओं के साथ सिटी बस में संस्थान लौटी थी। बस से उतरकर सड़क पार करते समय ट्रक की चपेट में आ गई।

शव आज ले जाएंगे गांव

थानाधिकारी प्रदीप शर्मा ने बताया कि मृतका के पिता व बड़ी बहन गुरुवार को जोधपुर पहुंचे। बीटेक कर रही बड़ी बहन दोपहर में बैंगलूरु से आई। पिता बाद में पहुंचे। महात्मा गांधी अस्पताल में कार्रवाई के बाद पुलिस शुक्रवार को शव पिता को सौंपेगी।

ठेकेदार पर एफआइआर की मांग


जोधपुर शहर जिला युवक कांग्रेस के जिला सचिव लक्ष्मणसिंह सोलंकी ने पुलिस आयुक्त को परिवाद सौंपकर सड़क हादसे के लिए सड़क निर्माण करने वाले ठेकेदार को जिम्मेदार ठहराया। सोलंकी ने बताया कि मण्डोर ओवरब्रिज से मथानियां फांटा और बावड़ी तक सड़क कार्य में लापरवाही-सड़क चौड़ी, डिवाइडर, फुटपाथ, बरसाती नाला, रोड लाइटें, डिवाइडर कट के सुरक्षा व सुविधा, स्पीड ब्रेकर आदि की कमियां रही। विभागीय अधिकारी, सार्वजनिक निर्माण विभाग व ठेकेदार के विरुद्ध मामला दर्ज कर कार्रवाई की जाए।

 

संस्थान ने डीसीपी से लगाई सुरक्षा की गुहार


एफडीडीआइ के प्रशासकीय प्रभारी ने पुलिस उपायुक्त (मुख्यालय व यातायात) के नाम परिवाद भेजकर संस्थान के बाहर विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए माकूल इंतजाम करने की मांग की है। उन्होंने बताया कि रोड पर वाहनों की रफ्तार धीमे करने के लिए नियमित अंतराल पर सांकेतिक बोर्ड लगाए जाएं। मण्डोर ओवरब्रिज से थाने तक रोड लाइटें लगाई जाए। रोड पर स्पीड ब्रेकर बनवाए जाएं। रिफ्लेक्टर लगे बैरियर लगाए जाएं। संस्थान के सामने सड़क के दोनों और बस स्टैण्ड बनवाए जाएं।

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