
मनरेगा श्रमिकों पर कोरोना का साया
जोधपुर. जिले भर में अभी कोरोना का कहर थमा नहीं है। रोज सैकड़ों नए मरीज सामने आ रहे है। प्रशासन आमजन को सोशल डिस्टेंसिंग रखने एवं भीड़भाड़ से दूर रहने की नसीहद दे रहा है। लेकिन जिले भर में चल रहे मनरेगा कार्यस्थलों पर ही सरकार की नसीहद की ही पालना नहीं हो रही है। अधिकतर श्रमिक बिना मास्क व सोशल डिस्टेसिंग रखते हुए काम कर रहे है। इससे भी बड़ी बात यह है कि यहां न तो श्रमिकों के लिए सेनेटाइजर की व्यवस्था हैं न ही हाथ धोने के लिए साबून की। सैकड़ों लोग यहां एक साथ काम करते है। ऐसे में यहां कोरोना फैलने का डर बना रहता है लेकिन प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारियों का यहां पगपेरा नहीं हो रहा।
श्रमिकों के लिए सेनेटाइजर न मेडिकल किट
कोरोना से श्रमिक बच इसलिए मनरेगा कार्य स्थलों पर सेनेटाइजर व साबून आवश्यक रूप से होने चाहिए। इसके साथ ही एक चौकड़ी में एक श्रमिक ही काम करना चाहिए। जिससे श्रमिकों में आपस में सोशल डिस्टेसिंग बनी रहे। लेकिन हकीकत यह है कि अधिकतर मनरेगा स्थलों पर साबून, सेनेटाइजर ही नहीं है। कार्य करते समय किसी श्रमिक को हल्की चोट भी लग जाए तो पट्टी बंधवाने के लिए उसे गांव जाना पड़ता है। कार्यस्थल पर मेडिकल किट तक की व्यवस्था नहीं है।
बैठने के लिए न तम्बू ने पीने के लिए ठंडा पानी
मंडोर पंचायत के सुरपुरा के ढढिय़ा नाडी, निबलाव नाडी खुदाई कार्य (गुजरावास खुर्द) व गुजरावास खुर्द के खसरा संख्या 61 में गोचर में चल रहे मेडबंदी व सौन्दर्यकरण कार्य स्थल पर श्रमिकों के लिए गर्मी से बचने के लिए टेंट तक की व्यवस्था नहीं थी। आलम यह था कि निबलाव नाडी व खसरा संख्या 61 में चल रहे कार्यस्थल पर श्रमिकों के लिए ठंडे पानी की मटकी तक नहीं थी। निबलाव नाडी में ड्रम में पीने का पानी भरा हुआ था तो खसरा संख्या 61 में चल रहे कार्यस्थल पर श्रमिकों ने अपने स्तर पर मटकी ला रखी थी।
मौका मुआयना करवा करते है कार्रवाई
सेनेेटाइजर, साबून आदि कौन-कौन से कार्यस्थलों पर नहीं है इसकी जानकारी जुटा व्यवस्था दुरुस्त करवाते है।
- सोम शर्मा, एक्सईएन नरेगा, जिला परिषद, जोधपुर
Published on:
23 Jul 2020 11:25 am
