
देश में पांच गुना बढ़ा CNG का दायरा, Rajasthan के इस शहर को बड़ा फायदा
अविनाश केवलिया
जोधपुर। Petrol-Diesel (पेट्रोल और डीजल) के लगातार बढ़ते भावों के कारण बैटरी चलित वाहन और CNG वाहनों के प्रति लोग आकर्षित हुए हैं। पेट्रोल की तुलना में सीएनजी करीब 30 से 40 प्रतिशत तक सस्ता पड़ता है। इसके अलावा यह पर्यावरण के लिए भी सुरक्षित है। कोरोना के बाद इसका क्रेज ज्यादा बढ़ा है। खास बात यह है कि करीब 15 प्रतिशत वाहन इसमें कन्वर्ट हुए हैं। यह संख्या लगातार बढ़ रही है। क्योंकि पिछले कुछ साल में कई वाहन कंपनियों ने अपने टॉप मॉडल में भी सीएनजी फिटिंग की बात कही है।
फैक्ट फाइल
- 18 पम्प हैं वर्तमान में सीएनजी के
- 2 साल में बढ़ी है यह संख्या
- 15 पम्प और बढ़ सकते हैं अगले एक साल में
- 15 प्रतिशत वाहन हुए हैं कन्वर्ट
तेजी से कन्वर्ट हो रहे ऑटो रिक्शा-कारें
शहर में दौड़ रहे ऑटो रिक्शा व निजी कारें तेजी से सीएनजी में कन्वर्ट हो रही है। जिले में सीएनजी पम्प संचालित कर रही एजीएंडपी प्रथम कंपनी के सोमिल गर्ग बताते हैं कि ऑटो चालक बेनिफिट का लाभ लेने आ रहे हैं। इंस्टॉलेशन सब्सिडी भी मिल रही है। इस कारण सीएनजी की डिमांड भी काफी बढ़ी है। अगले दो साल में इसको दोगुना करने का लक्ष्य है। जिले में एक वर्ष में 15 नए पम्प खोलने की भी तैयारी की जा रही है।
क्या है देश में स्थिति
साल 2014 में जहां देशभर में 900 सीएनजी पम्प थे, वहां अब यह संख्या 4500 को पार कर चुकी है। यानि आठ साल में पांच गुना हो गए है। पम्प लगाने की रफ्तार लगातार जारी है। इसका कारण है कई कंपनियों ने भी अपने वाहनों में प्री-फिटेड किट लगवा दिए हैं। साथ ही पुरानी पेट्रोल-डीजल की गाड़ियां भी तेजी से कन्वर्ट हो रही है। इनके कन्वर्ट होने का खर्चा भी 30 से 50 हजार के बीच ही आता है।
Published on:
06 Aug 2022 04:25 pm
