देर रात चलता रहा संदिग्ध सामग्री की सूची काम वाइल्ड लाइफ कंट्रोल ब्यूरो और वन विभाग की संयुक्त कार्रवाई
जोधपुर.
वाइल्डलाइफ कंट्रोल ब्यूरो (दिल्ली) और वन विभाग की टीम ने बुधवार शाम वन्यजीवों के अवशेष रखने वाले दो दुकानदारों को पकड़ लिया। ये पूजा सामग्री की आड में जंगली बिल्ली के अवशेष, हिरणों में पाई जाने वाली कस्तूरी, चंदन व टोने-टोटकों में प्रयुक्त की जाने वाली संदिग्ध चीजें बेचते थे। दोनों दुकानदारों को उनकी सिवांची गेट व घंटाघर स्थित दुकान से वन विभाग के कार्यालय ले जा गया। पांचों से देर रात तक पूछताछ की जा रही थी।
सहायक वन संरक्षक महिपालसिंह जुगतावत ने बताया कि वाइल्डलाइफ कंट्रोल ब्यूरो को जोधपुर में कुछ प्रथम अनुसूची के वन्यजीवों के अवशेष बेचने की सूचना मिली थी। इस पर दिल्ली से आई वाइल्डलाइफ कंट्रोल ब्यूरो व स्थानीय वन विभाग की टीम ने बुधवार शाम सिवांची गेट क्षेत्र में पूजा सामग्री की दुकान चलाने वाले रामचंद्र व घंटाघर से जगदीश उपाध्याय को उनकी दुकान से वन्यजीवों के अवशेष के साथ पकड़ उम्मेद उद्यान स्थित वन विभाग के कार्यालय लेकर आए। जहां दोनों दुकानदारों से पूछताछ के बाद
उनके तीन साथियों को पकड़ कर कार्यालय में लाया गया। टीम देर रात दुकान से बरामद जंगली बिल्ली के अवशेष, हिरण में पाई जाने वाले कस्तूरी, चंदन, पूजा सामग्री, आंगूठियां सहित अन्य सामग्री की सूची बनाने के काम में लगी रही। आरंभिक जांच में बरामद वन्यजीवों के कुछ अवशेष नकली होने की संभावना है।
जंगली बिल्ली के अवशेष पर सात की सजा
सहायक वन संरक्षक महिपाल सिंह जुगतावत ने बताया कि दुकान से बरामद वन्यजीवों के अवशेष की जांच पडताल की जा रही हैं। अवशेषों के नकली होने की भी संभावना से जांच
की जा रही है। आरंभिक जांच में दुकानदारों के वन्यजीव के अवशेष पूजा पाठ में काम लेने की बात सामने आई है। इनमें जंगली बिल्ली, जो शेड्यूल प्रथम अनुसूची में शामिल है। इन बिल्ली को मारने या उनके अवशेष की तस्करी करने पर 7 साल की सजा का प्रावधान है। दुकानदारों से बरामद वन्यजीवों के अवशेषों की लेब से जांच के बाद ही पुष्टि हो पाएगी।