
वन कर्मचारी की मौत की गुत्थी सुलझी, हत्या नहीं हादसे में गई थी जान
जोधपुर. उम्मेद चौक ब्राह्मणों की गली में रहने वाले सेवानिवृत्त वन कर्मचारी पूरण सिंह की मौत हादसे में हुई थी। पैदल जा रहे पूरण सिंह को एक लोडिंग टैक्सी ने टक्कर मारी थी। हादसे के बाद चालक हरिश्चंद्र फरार हो गया था, लेकिन खलासी देवीलाल घायल पूरण सिंह को अन्य टैक्सी में एमजीएच अस्पताल छोड़ गया था, जहां उनकी मौत हो गई। पुलिस ने परिजनों की रिपोर्ट पर लोडिंग टैक्सी चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर सोमवार को उसे दस्तयाब कर लिया। प्रतापनगर पुलिस के अनुसार रविवार को सत्यप्रकाश पुत्र इंद्र सिंह ने रिपोर्ट दी कि उसके छोटे भाई पूरण सिंह कुछ समय पूर्व ही सेवानिवृत्त हुआ था। रविवार दोपहर वह पैदल घर से निकला। गीता भवन रोड के पास एक लोडिंग टैक्सी ने टक्कर मार दी।
पुलिस की आशंका निकली गलत
पुलिस ने आशंका जताई थी कि उम्मेद चौक स्थित ब्राह्मणों की गली कबीर पंथी हाउस निवासी पूरण सिंह (58) पुत्र इन्द्र सिंंह राजपूत पर हमलावरों ने लाठी व डण्डों से हमला कर दिया और फरार हो गए। इस दौरान घायल पूरण सिंंह का पांव व पसलियां टूट गई। साथ ही शरीर के अन्य हिस्सों में भी चोटें आईं। रास्ते से गुजर रहे एक ऑटो चालक ने खून से लथपथ पूरण सिंंह को अपराह्न 4.30 बजे के करीब महात्मा गांधी अस्पताल पहुंचाया। लेकिन घायल को चिकित्सकों के हवाले छोड़कर ऑटो चालक अस्पताल से रवाना हो गया। यही वजह रही कि पुलिस अभी तक पूरण पर हमला करने वाले स्थान तक का पता नहीं लगा सकी है। अस्पताल में इलाज के दौरान घायल पूरण सिंंह की सांसे थम गई। फिलहाल पुलिस ने मृतक के शव को मोर्चरी में रखवाया है।
वारदातस्थल को लेकर भी पुलिस असमंजस में थी
पुलिस ने बताया था कि मृतक पूरण सिंंह वन विभाग में क्लर्क था। कुछ समय पूर्व ही उसने वीआरएस लिया था। वर्तमान में किला रोड पर पेड़-पौधों को पानी पिलाने का काम करता था। ऐसे में पुलिस को अंदेशा था कि किला रोड पर ही हमलावरों ने उस हमला किया होगा। इसके चलते सदर कोतवाली थानाधिकारी इन्द्र सिंंह किला रोड पहुंचकर घटनास्थल को तलाशने के प्रयास में जुटे रहे। लेकिन कोई सबूत फिलहाल हाथ नहीं लगा है।
Published on:
26 Jun 2018 02:32 pm

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