
तीन माह बाद भी वन्यजीव शिकार की घटनाओं में कोताही बरतने पर अधिकारियों को नोटिस देने के निर्देश
जोधपुर. राज्य के पर्यावरण एवं वनमंत्री सुखराम विश्नोई ने न्यू पाली रोड स्थित जोधपुर संभाग के मुख्य वन संरक्षक कार्यालय में संभाग के वन मंडल अधिकारियों की बैठक ली। वनमंत्री ने संभाग के सभी वन मंडलों मे लंबे अर्से से बकाया वन्यजीव शिकार प्रकरणों में लगातार बरती जा रही कोताही पर अधिकारियों व जांच करने वाले रेंजर्स की ढिलाई पर अप्रसन्नता व्यक्त करते हुए जमकर लताड़ भी लगाई और काम में ढिलाई बरतने वाले अधिकारियों को नोटिस जारी करने के आदेश दिए। वनमंत्री ने कहा कि तीन माह पहले बैठक में वन अधिकारियों को शिकार प्रकरण की नियमित रूप से जिला मॉनिटरिंग करने और सभी पेंडिंग वन्यजीव शिकार प्रकरण के परिवाद पूर्ण करने के निर्देश के बावजूद हालात जस के तस हैं। वन मंत्री ने कहा मैं जब जयपुर से आकर शिकार प्रकरण की फाइलें और रजिस्टर चेक कर सकता हूं तो आप लोग जोधपुर में बैठे कम से कम शिकार मामलों की मॉनिटरिंग तो किया करो। यदि जांच अधिकारी की जानकारी में कुछ कमी है तो इसके लिए उसे प्रशिक्षण दिया जाए। उन्होंने एफएसएल जांच के कारण पेंडिंग शिकार प्रकरणों को एक माह के भीतर निस्तारित करने के निर्देश भी दिए।
विधायक ने कहा मुझे पता तक नहीं कब बांटे पौधे
बैठक में जोधपुर शहर विधायक मनीषा पंवार ने कहा कि शहर विधानसभा क्षेत्र में कब औषधीय पौधे वितरित किए गए। मुझे इसकी सूचना आज तक किसी भी वन अधिकारी ने नहीं दी है। लोहावट विधायक किशनाराम विश्नोई ने कहा कि जो लोग वन्यजीवों के बचाने में और सेवा में जुटे हैं उन्हें विभाग की ओर से प्रोत्साहन मिलना चाहिए। उपजिला प्रमुख विक्रम विश्नोई, मुख्य वन संरक्षक वन्यजीव बेगाराम जाट, मुख्य वन संरक्षक एसआरवी मूर्ति सहित पूरे जोधपुर संभाग से उपवन संरक्षक व क्षेत्रीय वन अधिकारियों ने भाग लिया। उपराष्ट्रपति के आगमन की तैयारियों के कारण जैसलमेर से उपवन संरक्षक अनुपस्थित रहे।
लक्ष्य से आधे पौधे वितरित
घर-घर औषधि पौधे वितरण के लिए वनविभाग ने जोधपुर संभाग में 50 प्रतिशत लक्ष्य की तुलना में 19 सितम्बर तक 38.75 प्रतिशत लक्ष्य पूरा किया है। मुख्य वन संरक्षक ने बताया कि जोधपुर शहर में घर-घर औषधि पौधे वितरण का कार्य 24.48 प्रतिशत ही हो पाया है। इसका प्रमुख कारण नगर निगम की ओर से अभी तक किसी भी तरह वितरण में पहल नहीं किया जाना बताया गया। इसी तरह सिरोही में 70, पाली में 28, जालोर में 37, बाड़मेर में 56, डीडीपी जैसलमेर में 18.39 तथा आइजीएनपी जैसलमेर में 52 प्रतिशत टारगेट पूरा किया गया है।
Published on:
22 Sept 2021 10:45 am
