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अमित दवे/जोधपुर. केन्द्रीय वन, पर्यावरण और जल मंत्रालय ने हैंडीक्राफ्ट उद्योग को बड़ी राहत देते हुए बुधवार को सौंपी अपनी एक रिपोर्ट में कहा कि भारत में शीशम विलुप्त होती प्रजाति से बाहर है। इस लकडी की कई जगह किसानों द्वारा खेती की जाती है । भारत के हैण्डीक्राफ्ट निर्यात में शीशम की लकड़ी से बने उत्पादों की खासी मांग है। यह रिपोर्ट नई दिल्ली में हुई नीति आयोग की रिव्यू बैठक में पेश की गई। नीति आयोग ने शीशम की लकड़ी के हैण्डीक्राफ्ट उत्पादों के गिरते निर्यात पर चिंता जताते हुए गत 23 अक्टूबर को हुई बैठक में केन्द्रीय वन मंत्रालय को रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए थे। इस पर बॉटनिकल सर्वे ने स्टडी कर केन्द्रीय वन पर्यावरण व जल मंत्रालय को 30 नवम्बर को रिपोर्ट पेश कर दी थी। केन्द्रीय वन मंत्रालय ने इस रिपोर्ट को कन्वेंशन ऑन इंटरनेशनल टे्रड इन एनडेंजर्ड ऑफ वाइल्ड फ ाउना एंड फ्लोरा (साइटस) में प्रस्तुत करने की स्वीकृति भी दे दी। बैठक में राजस्थान, पंजाब, उत्तर प्रदेश, हरियाणा के वन मंत्रालय के अधिकारी, वाइल्ड लाईफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो, एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल फोर हैण्डीक्राफ्ट्स (ईपीसीएच), हैण्डीक्राफ्ट संगठनों व संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
शीशम को साइटस से हटवाना उद्देश्य
बैठक की अध्यक्षता नीति आयोग के संयुक्त सचिव विक्रमसिंह गौड़ ने बताया कि आयोग का प्राथमिक उद्देश्य भारतीय शीशम लकड़ी को साइटस की सूची से हटवाना है । उन्होंने बताया कि वन मंत्रालय को 26 दिसंबर से पहले भारत सरकार की ओर से शीशम की नान डिटरमेंटल स्टडी रिपोर्ट को सब्मिट कराने के निर्देश दिए। साइटस ने 2 जनवरी 2017 से शीशम की लकड़ी के व्यवसायिक गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाया था। यह रिपोर्ट 26 दिसंबर तक साइटस में पेश करनी है।
इनका कहना है
‘बॉटनीकल सर्वे की रिपोर्ट हैण्डीक्राफ्ट इंडस्ट्री के लिए बहुत बड़ा अचीवमेंट है। इस रिपोर्ट के सब्मिट होने से मई 2019 में होने वाली साइटस की मीटिंग में शीशम के साइटस की सूची से बहार होने का रास्ता साफ हो जाएगा ।
डॉ. भरत दिनेश, अध्यक्ष
जोधपुर हैण्डीक्राफ्ट्स एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन
‘इपीसीएच हैण्डक्राफ्ट में काम आ सकने वाली कुछ और लकड़ी की प्रजातियों की खोज कर रहा है। इसके लिए नीति आयोग, सभी सरकारी एजेन्सिया व अन्य स्टेक होल्डर के साथ मिलकर एक सिम्पोजियम का जल्द ही आयोजन करवाएगा। जिससे भारतीय निर्यातको को कुछ और लकड़ी की जानकारी दी जाएगी ।
राकेशकुमार, कार्यकारी निदेशक, इपीसीएच
जोधपुर से शीशम उत्पादों के निर्यात स्थिति कंटेनर्स में
माह-वर्ष------------------ कंटेनर्स
जनवरी - दिसम्बर 2016 ---करीब 8500
जनवरी - दिसम्बर 2017 --- करीब 3900
जनवरी - फरवरी 2018 तक --- करीब 800
Published on:
20 Dec 2018 11:24 am
