
कांस्टेबल भर्ती में चयन के लिए चार लाख में हुआ था सौदा
जोधपुर.
पुलिस कमिश्नरेट जोधपुर में कांस्टेबल भर्ती के तहत शारीरिक मापतौल व दक्षता परीक्षा में बायोमैट्रिक मशीन पर अंगूठे के निशान के आधार पर गिरफ्त में आने वाले मूल अभ्यर्थी ने कांस्टेबल पद पर चयन के लिए चार लाख रुपए में सौदा किया था। इसके लिए उसने पच्चीस हजार रुपए अग्रिम दे दिए थे और शेष राशि चयन के बाद दी जानी थी। रिमाण्ड पर चल रहे मण्डोर थाना पुलिस इस अभ्यर्थी से लिखित परीक्षा में बैठने वाले फर्जी अभ्यर्थियों के संबंध में पूछताछ कर रही है।
थानाधिकारी आनंदसिंह सांखला ने बताया कि रिमाण्ड पर चल रहे गिलाकोर (देचू) में हरिसिंह नगर निवासी हीराराम विश्नोई से कई बिन्दुओं पर जांच शेष है। पुलिस उसे शनिवार को कोर्ट में पेश कर रिमाण्ड अवधि बढ़ाने का आग्रह कर सकती है। मामले की जांच कर रहे एसआइ सोमकरण ने बताया कि हीराराम ने पुलिस कमिश्नरेट जोधपुर में कांस्टेबल पद के लिए आवेदन किया था। उसका परीक्षा केन्द्र नागौर जिले के कुचामन सिटी स्थिल नोबल सीनियर सैकण्डरी स्कूल में आया, वहां हीराराम की जगह अन्य युवक ने लिखित परीक्षा दी थी। इस दौरान उसके दाएं अंगूठे का निशान लिया गया था। लिखित परीक्षा में पास होने पर फर्जी अभ्यर्थी की जगह शारीरिक मापतौल और दक्षता परीक्षा देने हीराराम बुधवार को मण्डोर रोड स्थित आरपीटीसी पहुंच गया। वहां बायोमैट्रिक मशीन से दाएं अंगूठे की जांच में थम्ब इम्प्रेशन मिसमैच हो गया और कारगुजारी सामने आ गई थी। मण्डोर थाने में धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया गया था।
गैंग का हो सकता है खुलासा
पुलिस के अनुसार आरोपी हीराराम ने पूछताछ में फर्जी अभ्यर्थी के तौर पर लिखित परीक्षा देने वालों में सांचौर व चौहटन के युवकों के नाम लिए हैं। उनकेबारे में तस्दीक की जा रही है। पुलिस लिखित परीक्षा में बैठने वाले युवक की तलाश कर रही है। इससे बड़ी गैंग का खुलासा होने की उम्मीद है।
Published on:
14 Sept 2018 10:41 pm
