
गम्भीर अपराधों को अंजाम देने वाले और नामी बदमाशों के खिलाफ जिला बदर की कार्रवाई की जा रही।
जोधपुर. पुलिस के भरसक प्रयासों के बावजूद कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में एक युवक मूल अभ्यर्थी बनकर लिखित परीक्षा देकर चला गया। लिखित परीक्षा में उत्तीर्ण होने के बाद मूल अभ्यर्थी जब मण्डोर रोड स्थित राजस्थान पुलिस ट्रेनिंग सेंटर में चल रही शारीरिक मापतौल व दक्षता परीक्षा में पहुंचा तो बायोमैट्रिक मशीन से जांच में अंगूठे का मिलान न होने पर फंस गया। उसने अंगूठा मुंह में डालकर क्लोन निगल लिया। मण्डोर थाना पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर युवक को गिरफ्तार कर लिया। अब लिखित परीक्षा देने वाले फर्जी अभ्यर्थी के बारे में पूछताछ व तलाश के प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस उपायुक्त (पूर्व) डॉ अमनदीप सिंह कपूर ने बताया कि गत १४ व १५ जुलाई को कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में उत्तीर्ण होने वाले अभ्यर्थियों की आरपीटीसी में शारीरिक मापतोल व दक्षता परीक्षा चल रही है। देचू थानान्तर्गत गिलाकोर गांव में हरिसिंह नगर निवासी हीराराम (२६) पुत्र खम्माराम विश्नोई भी वहां पहुंचा।
परीक्षा से पहले अभ्यर्थियों का बायोमैट्रिक मशीन से लिखित परीक्षा के दौरान दिए अंगूठे से दक्षता परीक्षा देने आए अभ्यर्थी के अंगूठे का मिलान किया जाता है। हीराराम ने मशीन पर बायां अंगूठा रखा, लेकिन अंगूठे का मिलान नहीं हुआ। इस पर उसने बायोमैट्रिक सत्यापन काउंटर प्रभारी व उप निरीक्षक नरपत सिंह को सूचित किया। बाद में उसके बाएं अंगूठे का दुबारा मिलान कराया गया तो फिर से मिलान नहीं हुआ। पुलिस अधिकारियों ने उसकी व दस्तावेजों की जांच की तो गड़बड़ी पकड़ में आ गई। इस पर उप निरीक्षक नरपत सिंह ने मण्डोर थाने में धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया। पुलिस ने हीराराम को गिरफ्तार कर लिया। उसे दो दिन के रिमाण्ड पर लिया गया है। लिखित परीक्षा किसने दी और परीक्षा दिलवाने में कौन-कौन शामिल था, इस बारे में जांच की जा रही है।
अंगूठा मुंह में डाल उस पर लगा क्लोन निगला
जांच कर रहे उप निरीक्षक सोमकरण ने बताया कि अंगूठे का मिलान न होने पर टीसीएस कर्मचारी ने उसे अंगूठा दिखाने का आग्रह किया, लेकिन उसने अंगूठा मुंह में डाल दिया और निगलने लगा। पुलिस का कहना है कि उसने अंगूठे का मिलान करने के लिए उस पर कोई क्लोन चढ़ा रखा था। ताकि बायोमैट्रिक मशीन से जांच में पकड़ा नहीं जाए।
कुचामन सिटी में निजी स्कूल पर दी थी लिखित परीक्षा
पुलिस का कहना है कि लिखित परीक्षा से पहले सभी अभ्यर्थियों के अंगूठे की बायोमैट्रिक मशीन से जांच कराई गई थी। फिर उसका मिलान शारीरिक मापतौल व दक्षता परीक्षा देने वाले अभ्यर्थी के अंगूठे से की जा रही है। पकड़ में आने वाला हीराराम विश्नोई कांस्टेबल भर्ती परीक्षा का मूल अभ्यर्थी है। लिखित परीक्षा के लिए उसका परीक्षा सेंटर नागौर में कुचामन सिटी स्थित नोबल स्कूल में आया था, लेकिन उसकी जगह लिखित परीक्षा में कोई और युवक बैठा था। वह उत्तीर्ण भी हो गया, लेकिन शारीरिक मापतौल व दक्षता परीक्षा में बायोमैट्रिक मशीन से जांच में अंगूठा नहीं मिला तो पकड़ा गया। उसके प्रवेश पत्र पर लगे फोटो से भी मिलान नहीं हो रहा है।
Published on:
14 Sept 2018 09:15 am
