डिगाड़ी सैटेलाइट अस्पताल में पीपीई मोड पर चल रही लैब की जांच में हेराफेरी


संयुक्त निदेशक डॉ. राठौड़ कर रहे मामले की जांच, इधर, ही एनसीडीज के हैल्थ चैकअप व स्क्रीनिंग के प्रचार-प्रसार में घोटाले का अंदेशा

By: Abhishek Bissa

Published: 22 Jun 2020, 11:44 PM IST

जोधपुर. घोषणा के बाद सैटेलाइट अस्पताल का मूर्त रूप न ले सके डिगाड़ी सैटेलाइट अस्पताल में पीपीई मोड पर चल रही टेस्टिंग लैब में जांच की हेराफेरी का मामला सामने आया है। यहां आउटडोर में आए मरीजों से ज्यादा व फर्जी टेस्टिंगें बता दी गई। इस मामले की शिकायत पर जयपुर निदेशालय ने संयुक्त निदेशक डॉ. युद्धवीरसिंह राठौड़ को जांच का जिम्मा सौंपा है। सोमवार को यहां संयुक्त निदेशक के नेतृत्व में शुरुआती स्टेज पर मामले की जांच की गई है। इस जांच में शुरुआती दौर में गड़बडिय़ां उजागर हुई है। जिसकी छानबीन के बाद आगे जिम्मेदारों पर कार्रवाई हो सकती है। सूत्रों की मानें तो नवंबर माह में तीन हजार मरीजों की 38 हजार जाचें बता दी गई है, जो गले नहीं उतर रही है। यहां मेडिकल कॉलेज संबद्ध अस्पतालों के स्तर जैसी चालीस जांचें होती है। यहां एक निजी डाइग्नोस्टिक को ठेका दे रखा है।

एनसीडीज के हैल्थ चैकअप व स्क्रीनिंग के प्रचार-प्रसार में घोटाले का अंदेशा

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य कार्यालय से वित्तिय वर्ष 2018-19 माह मार्च में नेशनल कम्यूनिकेशन रोग कार्यक्रम में यूनिवर्सल हैल्थ चैकअप एंड स्क्रीनिंग ऑफ के रिकॉर्ड प्रस्तुत करने के निर्देश संयुक्त निदेशक डॉ. युद्धवीर राठौड़ ने जोधपुर सीएमएचओ डॉ. बलवंत मंडा को दिए हैं। इस कार्यक्रम में प्रचार-प्रसार के लिए मार्च माह में प्राप्त राशि 32 लाख 20 हजार संबंधित रिकॉर्ड भी संयुक्त निदेशक ने मांगे है। सीएमएचओ डॉ बलवंत मंडा ने इस मामले में समस्त बीसीएमओ को पत्र जारी कर कितनी राशि का भुगतान किया गया है कि जानकारी मांगी है। एक शिकायतकर्ता की शिकायत ये है कि इसमें ई-टैंडर होना चाहिए था, लेकिन वह हुआ नहीं है। हालांकि संपूर्ण जांच के बाद ही पूरे मामले में खुलासा होगा। घोटाले की परतें खुलती है तो कई बड़े स्वास्थ्य अधिकारी चपेट में आ सकते है।

Abhishek Bissa Reporting
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