
श्रीगंगानगर से घुसा टिड्डी दल, उत्तरी इलाकों में अलर्ट
जोधपुर. पाकिस्तान से श्रीगंगानगर के केबी टिब्बा इलाके से रविवार दोपहर को एक और बड़ा टिड्डी दल घुस गया। शाम तक यह सूरतगढ़ स्टेशन के आसपास हरियाली पर बैठ रहा था। उधर जयपुर के कई गांवों में पहुंची टिड्डी दक्षिणी-पूर्वी जिलों की तरफ बढ़ गई है। जोधपुर, बाड़मेर, जैसलमेर में भी कई जगह टिड्डी नियंत्रित की गई। नागौर में टिड्डी खत्म हो चुकी है। उधर टिड्डी लगातार पूर्व की ओर बढकऱ मध्यप्रदेश के जिलों में जा रही है। विशेषज्ञों के मुताबिक मानसूनी बरसात के कारण मध्यप्रदेश में नमी अधिक होने और हरियाली की अधिकतता के कारण टिड्डी का रुख इस ओर है। राजस्थान में मानसून के प्रवेश करने के साथ ही आगे गए टिड्डी दल फिर से पीछे आएंगे। टिड्डी रेतीली जमीन के नीचे अण्डे देती है। ऐसे में उन्हें अण्डे देने के लिए पश्चिमी राजस्थान आना पड़ेगा। वैसे भी अब गुलाबी टिड्डी पीली यानी परिपक्व टिड्डी में बदलना शुरू हो गई है।
जोधपुर में 1 हजार हेक्टर में टिड्डी नियंत्रण
जोधपुर जिले के अधिकांश हिस्सों में रविवार को भी टिड्डी परेशान करती रही। यहां फलोदी, देचू, सेखाला, ओसियां, तिंवरी सहित आठ स्थानों पर टिड्डी पर पेस्टिसाइड छिडक़ाव किया गया। कुल मिलाकर 940 हेक्टेयर में टिड्डी नियंत्रण कार्यक्रम किया गया। जोधपुर में टिड्डी का निशाना खेजड़ी, विलायती बबूल, के र सहित अन्य पेड़ है। यहां अधिकांश टिड्डी दल 1 किलोमीटर चौड़े और 2 किलोमीटर तक लंबे हैं। जोधपुर में बाड़मेर से लगातार टिड्डी प्रवेश कर रही है।
Published on:
21 Jun 2020 10:00 pm
