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फर्जी बिलों से निजी आटा फर्मों को बेच दिया 8 करोड़ का गेहूं!

पिछले 6 महीने में स्टॉक अधिक उठाया, वितरण कम किया, निजी आटा फर्मों में पहुंच गया 33 हजार क्विंटल गेहूं

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Harshwardhan Singh Bhati

May 07, 2017

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पिछले छह महीने में शहर की राशन की दुकानों पर आवंटित अतिरिक्त 33 हजार 139 क्विंटल गेहूं का न तो रसद विभाग के पास स्टॉक है और न ही किसी राशन डीलर के पास। सूत्रों के मुताबिक करीब आठ करोड़ रुपए के इस गेहूं का फर्जी बिलों में वितरण दिखा दिया गया है। सहकारी भण्डार के गेहूं के ठेकेदार ने रसद विभाग से फर्जी बिल प्राप्त होने पर इस गेहूं की आपूर्ति निजी आटा मिलों में कर दी।

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शहर में राशन की 270 दुकानों पर खाद्य सुरक्षा अधिनियम के लाभार्थियों को हर महीने गेहूं वितरण करने के लिए एफसीआई से 14 हजार 928 क्विंटल गेहूं आवंटित होता है। सितम्बर 2016 से गेहूं का शत प्रतिशत वितरण पोस मशीन के जरिए यानी ऑनलाइन ट्रांजेक्शन हो रहा है। हर महीने करीब पंद्रह हजार क्विंटल गेहूं तो मिल रहा है, लेकिन जनता को 65 से 70 फीसदी गेहूं ही वितरित किया जाता है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के ऑनलाइन डाटा के मुताबिक शेष गेहूं का राशन डीलर्स के पास स्टॉक होना चाहिए, लेकिन किसी भी डीलर के पास स्टॉक नहीं है।

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ताज्जुब की बात यह भी है कि रसद विभाग उनसे कभी स्टॉक नहीं मांगता और हर महीने उतना का उतना गेहूं फिर से आवंटित कर देता है। पिछले लंबे समय से राशन की दुकानों पर ऑडिट नहीं हो रही। उलटा रसद विभाग की ओर से फर्जी बिल बनाकर शत प्रतिशत गेहूं का वितरण दिखाया जा रहा है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की ओर से रिश्वत के आरोप में पकड़े गए सहकारी भण्डार के जीएम मधुसूदन शर्मा ने भी इस बात का अंदेशा जताया, जिसके बाद भण्डार का गेहूं का ठेकेदार सुरेश उपाध्याय गायब है।

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फर्जी ट्रांजेक्शन भी किया, अतिरिक्त भी बेचा

शहर के कई राशन डीलर्स सितम्बर से लेकर मार्च तक गैर आधार कार्ड उपभोक्ताओं के जरिए फर्जी ट्रांजेक्शन भी करते आए हैं और अतिरिक्त गेहूं भी खुर्द-बुर्द कर रहे हैं। वर्तमान में जिला रसद कार्यालय से कभी भी गेहूं का स्टॉक कम नहीं किया गया, जबकि पिछले दो रसद अधिकारियों भंवरसिंह सांदू और महावीर सिंह ने दो बार गेहूं के आवंटन में कटौती की थी।

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सांदू ने साहसिक कदम उठाए

तत्कालीन डीएसओ भंवरसिंह सांदू ने जब 2016 में कार्यभार संभाला तो खाद्य सुरक्षा में शहर से 84 हजार 660 परिवार थे। सांदू ने जांच करके सितम्बर 2016 तक 51 हजार 659 फर्जी परिवारों को हटाकर केवल 40 हजार 203 परिवार रखे। उसके बाद 14 हजार 928 क्विंटल गेहूं आवंटन के बावजूद राशन की दुकानों पर भौतिक सत्यापन के आदेश देकर अतिरिक्त गेहूं सरकारी गोदाम में रखने के निर्देश दिए लेकिन इस निर्देश के एक सप्ताह के भीतर ही सांदू का स्थानांतरण हो गया और वह भौतिक सत्यापन आज तक नहीं हुआ।

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सितम्बर 2016 से मार्च 2017 तक गेहूं का वितरण

माह गेहूं का वितरण (पोस मशीन से)

सितम्बर - 7370

अक्टूबर- 7200

नवम्बर- 7810

दिसम्बर- 10440

जनवरी- 10260

फरवरी- 10860

मार्च - 10070

(गेहूं की मात्रा क्विंटल में)(हर महीने भारतीय खाद्य निगम से शहर में वितरण के लिए 14 हजार 928 क्विंटल गेहूं का आवंटन होता है लेकिन वितरण कम होता है। शेष गेहूं का किसी राशन डीलर के पास स्टॉक नहीं है।)

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