गांधी ने बताया कि सत्ता के सामने हथियार उठाने की जरूरत नहीं

गांधी ने बताया कि सत्ता के सामने हथियार उठाने की जरूरत नहीं
Gandhi told that there is no need of arms against Government

MI Zahir | Updated: 06 Oct 2019, 04:01:58 PM (IST) Jodhpur, Jodhpur, Rajasthan, India

जोधप़ुर. मुंबई मेंं रह रहे अहमदाबाद मूल के जाने माने रंगकर्मी ( Stage Artist ) पुलकित सोलंकी ( Pulkit Solanki ) का कहना है कि महात्मा गांधी ( Mahatma Gandhi ) के सत्य और अहिंसा के विचार सभी जानते हैं, बापू ने दुनिया को बताया कि आप एेसे लड़ सकते हैं। उन्होंने पत्रिका से एक मुलाकात ( interview ) में कहा कि उनके विचार दुनिया के सामने लाया जाना चाहिए। गांधी ने ही यह बताया कि सत्ता के सामने हथियार उठाने की जरूरत नहीं है।

 

एम आई जाहिर / जोधपुर.( jodhpur news.current news ) गांधी का व्यक्तित्व बहुत बड़ा है। मार्टिन लूथर किंग और नेल्सन मंडेला ने भी उन्हीं से प्रेरणा ली। इतिहास में कोई भी लड़ाई बिना हथियारों के नहीं लड़ी गई, लेकिन गांधी जी ने बताया कि सत्ता के सामने हथियार उठाने की जरूरत नहीं है। अहिंसा दूसरा तरीका है, इसे अपना सकते हैं। महात्मा गांधी केवल मानवता के लिए नहीं, सामाजिक सुधार के लिए भी प्रासंगिक हैं। मुंबई में रह रहे अहमदाबाद मूल के प्रख्यात रंगकर्मी ( Stage Artist ) पुलकित सोलंकी ( Pulkit Solanki ) ने पत्रिका से एक मुलाकात ( interview ) में यह बात कही। ध्यान रहे कि सोलंकी ने इन दिनों देश भर में मंचित किए जा रहे नाटक 'भारत भाग्य विधाता' ( Bharat Bhagya Vidhata Drama ) में महात्मा गांधी ( Mahatma Gandhi ) की भूमिका निभाई है। सोलंकी ने नाटक में गांधी जी की भूमिका के सवाल पर कहा कि महात्मा गांधी के सत्य और अहिंसा के विचार सभी जानते हैं, बापू ने दुनिया को बताया कि आप एेसे लड़ सकते हैं। उनके विचार दुनिया के सामने लाया जाना चाहिए।

अच्छा रंगकर्म करेंगे तो लोग देखने जरूर आएंगे
उन्होंने कहा कि आप अगर अच्छा रंगकर्म करेंगे तो लोग देखने के लिए जरूर आएंगे। फिल्में और टीवी अपनी जगह हैं, लेकिन अच्छे रंगकर्म का दर्शक वर्ग अलग है, वह समय निकाल कर आता ही है और देखे बगैर नहीं जाता। एेतिहासिक नाटकों के किरदार पहले से बने हुए होते हैं और दूसरे नाटक फिक्शनल होते हैं। इसलिए कलाकार को एेतिहासिक रोल करते समय जागरूकता रखनी पड़ती है।

रूप बदल सकता है, आयाम वही रहेगा
सोलंकी ने फिल्मों और टीवी के जमाने में रंगकर्म के भविष्य के सवाल पर कहा कि कालिदास के समय से यानी 2 हजार साल से नाटक चल रहे हैं। हर कला में उतार चढ़ाव आते हैं और कलाकार को यह सोचना चाहिए कि और अच्छा क्या हो सकता है? लाइव परफॉर्मिंग आर्ट का रूप बदल सकता है,लेकिन आयाम वही रहेगा।

पुलकित सोलंकी : एक नजर
सन 1984 में अहमदाबाद में जन्मे जाने माने रंगकर्मी पुलकित सोलंकी सन 2004 से मुंबई में रह रहे हैं। वे पिछले 15 बरसों से हिन्दी और गुजराती रंगकर्म कर रहे हैं। उन्होंने पृथ्वी थिएटर मुंबई में काम किया। सोलंकी ने नरसी मेहता सीरियल में भी काम किया है। वहीं वे फरवरी से देश भर में चल रहे नाटक भारत भाग्य विधाता में लीड रोल कर रहे हैं। इससे पहले वे युग पुरुष नाटक के 20 देशों में 350 शो कर चुके हैं।

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