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Garlic scam – लहसुन खरीद का करोड़ों का घोटाला, स्कूटर-लूना के पंजीयन को ट्रक बता डाला, ये है मामला

Garlic scam - लहसुन के लिए स्कूटर-लूना को ट्रक बताने वाले सस्पेंड- बाड़मेर कॉपरेटिव बैंक के एमडी निलंबित, एक पखवाड़े पहले जोधपुर भण्डार जीएम पर हुई थी कार्यवाही- जोधपुर व मथानिया मार्केटिंग सोसायटी में 27 करोड़ के लहसुन का घोटाला
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Garlic scam - लहसुन खरीद का करोड़ों का घोटाला, स्कूटर-लूना के पंजीयन को ट्रक बता डाला, ये है मामला

Garlic scam - लहसुन खरीद का करोड़ों का घोटाला, स्कूटर-लूना के पंजीयन को ट्रक बता डाला, ये है मामला

Garlic scam - करीब सात साल पहले जोधपुर क्रय विक्रय सहकारी समिति में समर्थन मूल्य पर लहसुन खरीद में हुए घोटाले के मामले में सहकारिता विभाग ने अब समिति के तत्कालीन मैनेजर व वर्तमान में केंद्रीय सहकारी बैंक (सीसीबी) बाड़मेर के महाप्रबंधक रामसुख चौधरी को निलंबित कर दिया है। विभाग ने एक पखवाड़े में यह दूसरी कार्रवाई की है। इससे पहले मथानिया क्रय विक्रय सहकारी समिति के तत्कालीन मैनेजर व जोधपुर सहकारी उपभोक्ता होलसेल भंडार के महाप्रबंधक लाल जसावत चारण को निलंबित किया था। दोनों ही सहकारी समितियों में करीब 27 करोड़ लहसुन का घोटाला हुआ है। इस मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने भी प्राथमिकी दर्ज की है।

वर्ष 2015-16 में समर्थन मूल्य में लहसुन की खरीद के समय जोधपुर और मथानिया क्रय विक्रय सहकारी समिति ने लहसुन की फिजिकल खरीद नहीं करके उसका भुगतान संबंधित व्यापारियों को कर दिया था। उसके बाद समिति के पदाधिकारियों और व्यापारियों ने भुगतान की आपस में बंदरबांट कर ली। जोधपुर ने 22 करोड़ और मथानिया ने 5 करोड़ का लहसुन खरीदना बताया था लेकिन जब यह लहसुन राजफेड के वेयरहाउस में नहीं पहुंचा तब जाकर मामले का खुलासा हुआ।

दोनों समितियों के अधिकारियों और कार्मिकों ने 27 करोड़ का लहसुन धूप के कारण सूखकर खराब होना बताया। जब राजफेड में वेयरहाउस तक उक्त परिवहन के सबूत मांगे गए तो दोनों समितियों की ओर से कई ट्रक के नंबर दिए गए। ट्रक के पंजीयन संख्या की जांच में कुछ नंबर फर्जी निकले। इसमें से कुछ नंबर तो स्कूटर, बाइक और लूना जैसे दुपहिया वाहनों के थे। मामला पकड़ में आने के बाद एसीबी ने प्राथमिकी दर्ज की थी। फिलहाल सहकारिता विभाग में विभागीय स्तर और एसीबी में मामले की जांच जारी है।

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